Kanpur: यूजीसी के नए नियमों का अनूठा विरोध, वकील और किसानों ने मुंडवाया सिर, बोले– समाज का मौन रहना घातक
कानपुर में यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ विरोध का एक अनोखा और ध्यान खींचने वाला तरीका सामने आया है। यहां वकीलों और किसानों ने सार्वजनिक रूप से सिर मुंडवाकर विरोध प्रदर्शन किया और सरकार व समाज का ध्यान इस मुद्दे की गंभीरता की ओर खींचने की कोशिश की।
विरोध का अनोखा तरीका
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यूजीसी के नए नियम शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक संतुलन और समान अवसर को भी प्रभावित कर सकते हैं। सिर मुंडवाकर विरोध करने का उद्देश्य यह दिखाना था कि अगर अभी आवाज नहीं उठाई गई, तो आगे इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
प्रदर्शनकारियों की मांग
विरोध कर रहे लोगों ने कहा कि—
नए नियमों पर फिर से विचार किया जाए
सभी वर्गों और समुदायों के हितों को ध्यान में रखा जाए
शिक्षा व्यवस्था में समानता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए
“मौन रहना घातक”
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि समाज अगर ऐसे मुद्दों पर चुप रहा, तो आने वाली पीढ़ियों को इसका नुकसान उठाना पड़ेगा। उनका कहना था कि यह केवल शिक्षा का सवाल नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और अधिकारों से जुड़ा विषय है।
प्रशासन की नजर
प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी गई। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उनकी मांगों को संबंधित स्तर तक पहुंचाने का भरोसा दिया।
यह विरोध प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि यूजीसी के नए नियमों को लेकर जमीनी स्तर पर असंतोष मौजूद है और लोग अपनी बात अलग-अलग तरीकों से सामने ला रहे
Poonam report



