UP: ‘इंटरनेट के दौर में पॉडकास्ट बेहतर विकल्प…’ डॉ. मुकुल बोले— कंटेंट अच्छा हो तो दुनिया में बना सकते हैं करियर

उत्तर प्रदेश में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान डॉ. मुकुल ने डिजिटल मीडिया और बदलते संचार माध्यमों पर अहम बात रखी। उन्होंने कहा कि इंटरनेट के इस दौर में पॉडकास्ट एक बेहतर और प्रभावी विकल्प बनकर उभरा है। अगर कंटेंट मजबूत, सच्चा और उपयोगी हो, तो कोई भी व्यक्ति देश ही नहीं, पूरी दुनिया में अपना करियर बना सकता है।
पॉडकास्ट: कम संसाधन, बड़ा मंच
डॉ. मुकुल ने कहा कि पॉडकास्ट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे शुरू करने के लिए भारी निवेश या बड़े स्टूडियो की जरूरत नहीं होती। एक साधारण माइक्रोफोन, इंटरनेट और विषय की समझ के साथ युवा अपनी बात लाखों लोगों तक पहुंचा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि आज लोग पढ़ने के साथ-साथ सुनना ज्यादा पसंद कर रहे हैं, ऐसे में पॉडकास्ट तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
कंटेंट ही असली ताकत
डॉ. मुकुल ने जोर देते हुए कहा,
“अगर कंटेंट अच्छा है, तो भाषा, जगह और पहचान की सीमाएं खुद टूट जाती हैं।”
उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे नकल की बजाय मौलिक और उपयोगी विषयों पर काम करें। शिक्षा, स्वास्थ्य, करियर, समाज, इतिहास और प्रेरणादायक कहानियां जैसे विषय पॉडकास्ट के लिए बेहद असरदार हैं।
युवाओं के लिए करियर का नया रास्ता
कार्यक्रम में मौजूद छात्रों और युवाओं को संबोधित करते हुए डॉ. मुकुल ने कहा कि पॉडकास्ट सिर्फ शौक नहीं, बल्कि करियर का मजबूत विकल्प बन सकता है। आज कई लोग विज्ञापन, स्पॉन्सरशिप और ब्रांड सहयोग के जरिए इससे अच्छी कमाई कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि निरंतरता और ईमानदारी पॉडकास्ट की सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।
डिजिटल इंडिया में नई संभावनाएं
डॉ. मुकुल के अनुसार, डिजिटल इंडिया के दौर में सरकार और निजी क्षेत्र दोनों ही डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स को बढ़ावा दे रहे हैं। ऐसे में पॉडकास्ट जैसे माध्यम युवाओं को अपनी पहचान बनाने का खुला मंच देते हैं।
डॉ. मुकुल का यह संदेश युवाओं के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है, जो डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए कुछ नया और सार्थक करना चाहते हैं।
Poonam report



