UGC के नए नियमों के खिलाफ याचिका दायर, जानें मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा

सुप्रीम कोर्ट में हाल ही में UGC के नए नियमों के खिलाफ याचिका दायर की गई है। यह नियम उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता बढ़ाने के उद्देश्य से बनाए गए हैं। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि ये नियम भेदभावपूर्ण और असंवैधानिक हैं।
याचिका में क्या कहा गया
याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि नए नियम केवल कुछ विशेष वर्गों को लागू किए गए हैं। इससे सामान्य श्रेणी के छात्रों और शिक्षकों को शिकायत निवारण और सुरक्षा तंत्र से बाहर रखा गया है। याचिका में यह भी कहा गया है कि नियम संविधान के समता के अधिकार (Article 14) और भेदभाव न करने के अधिकार (Article 15) के खिलाफ हैं।
सुप्रीम कोर्ट की प्रतिक्रिया
सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को सुने जाने के लिए सूचीबद्ध करने का भरोसा दिया है। अदालत ने संकेत दिया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे जल्द ही सुना जाएगा।
नियम के समर्थन और विरोध
UGC का कहना है कि नियम का उद्देश्य जाति, धर्म, लिंग या अन्य आधार पर होने वाले भेदभाव को रोकना है। इसके तहत हर विश्वविद्यालय में Equal Opportunity Centres और Equity Committees की स्थापना अनिवार्य होगी।
विरोध करने वाले छात्रों और संगठनों का कहना है कि ये नियम सामान्य वर्ग के लोगों को शिकायत निवारण प्रणाली से बाहर रखकर असमान व्यवहार कर सकते हैं और इससे विभाजन बढ़ सकता है।
Poonam Report



