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खेतों की बाढ़ में करंट दौड़ाने वालों पर सख्त कार्रवाई,

जाएंगे जेल और भरना होगा भारी जुर्माना: एडीजी पीयूष मोर्डिया की चेतावनी

रिपोर्ट; निरुपमा पाण्डेय
:जस्ट एक्शन न्यूज :

वाराणसी/लखनऊ।
प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और बाढ़ की स्थिति के बीच खेतों में जानवरों से फसल बचाने के लिए बिजली का करंट फैलाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इस गंभीर और जानलेवा प्रवृत्ति को लेकर पुलिस मुख्यालय ने सख्त रुख अपनाया है। एडीजी कानून-व्यवस्था पीयूष मोर्डिया ने स्पष्ट चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि खेतों में करंट दौड़ाने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दोषियों को जेल भेजा जाएगा और भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा।
जानलेवा साबित हो सकता है करंट

एडीजी पीयूष मोर्डिया ने बताया कि खेतों में करंट दौड़ाना न केवल अवैध है, बल्कि यह इंसानों और पशुओं दोनों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। बाढ़ के समय पानी में करंट फैलने से आसपास के ग्रामीणों, किसानों और राहगीरों की जान को गंभीर खतरा पैदा हो जाता है।
कानून के तहत होगी कार्रवाई

उन्होंने बताया कि विद्युत अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के तहत ऐसे मामलों में कठोर दंड का प्रावधान है। खेतों में करंट फैलाने पर दोषी पाए जाने वालों पर—
आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा
जेल की सजा हो सकती है
भारी आर्थिक जुर्माना लगाया जाएगा
प्रशासन की सख्ती और निगरानी

एडीजी ने सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ग्रामीण इलाकों में लगातार निगरानी रखी जाए और करंट फैलाने जैसी घटनाओं पर तुरंत कार्रवाई की जाए। इसके अलावा ग्रामीणों से भी अपील की गई है कि वे इस तरह की गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
किसानों से अपील

उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे फसलों की सुरक्षा के लिए सुरक्षित और कानूनी उपाय अपनाएं। जानवरों को रोकने के लिए बाड़, तार या अन्य वैकल्पिक साधनों का प्रयोग करें, लेकिन किसी भी स्थिति में बिजली का उपयोग न करें।
चेतावनी संदेश

एडीजी पीयूष मोर्डिया ने दो टूक कहा—
“खेतों में करंट दौड़ाना गंभीर अपराध है। इससे किसी की जान जाने पर दोषी को कड़ी सजा भुगतनी पड़ेगी।”
निष्कर्ष: प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि बाढ़ के दौरान खेतों में करंट दौड़ाने जैसी खतरनाक गतिविधियों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आमजन की सुरक्षा सर्वोपरि है और कानून तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है।

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