
उत्तरकाशी, उत्तराखंड:उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में धराली के पास बीती रात बादल फटने से एक भयानक त्रासदी हुई है। इस प्राकृतिक आपदा ने पूरे क्षेत्र में अभूतपूर्व तबाही मचाई है, जिसमें अब तक 10 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है और 40 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और बचाव दल का कहना है कि मलबे में कई और शव दबे हो सकते हैं, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।
भीषण जलप्रलय और भूस्खलन से तबाही
यह भयावह घटना देर रात करीब 2 बजे घटित हुई, जब धराली के ऊपरी इलाकों में अचानक बादल फटा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बादल फटने के बाद पहाड़ से पानी का एक विशाल सैलाब तेजी से नीचे की ओर आया, जिससे रातों-रात कई गांव जलमग्न हो गए। इस जलप्रलय के साथ ही कई जगहों पर बड़े पैमाने पर भूस्खलन भी हुआ, जिसने धराली को गंगोत्री से जोड़ने वाली मुख्य सड़क को पूरी तरह से बाधित कर दिया। कई घरों की नींव हिल गई और कुछ घर तो पानी के तेज बहाव में बह गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसी तबाही कभी नहीं देखी।
बचाव कार्यों में चुनौतियाँ
घटना की सूचना मिलते ही, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और स्थानीय पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। हालांकि, लगातार हो रही बारिश और जगह-जगह हुए भूस्खलन ने बचाव और राहत कार्यों को बेहद मुश्किल बना दिया है। कई लापता लोगों की तलाश जारी है, लेकिन मलबे के कारण बचाव दल को काफी संघर्ष करना पड़ रहा है। खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर से बचाव कार्य भी संभव नहीं हो पा रहा है, जिससे बचाव दल को पैदल ही दुर्गम रास्तों पर चलकर राहत पहुंचानी पड़ रही है।
सरकार का रुख और सहायता
राज्य के मुख्यमंत्री ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों को तत्काल 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि बचाव कार्य में कोई कसर न छोड़ी जाए और लापता लोगों की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। राहत शिविर स्थापित किए गए हैं जहां विस्थापित लोगों को भोजन, पानी और चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सावधानी बरतें और सुरक्षित स्थानों पर रहें, क्योंकि मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में और बारिश की चेतावनी जारी की है।



