प्रयागराज: माघ मेले में श्रद्धालुओं का सैलाब
एकादशी पर दोपहर 12 बजे तक 50 लाख से अधिक ने लगाई संगम में आस्था की डुबकी

प्रयागराज | जस्ट एक्शन न्यूज |
रिपोर्ट: निरुपमा पाण्डेय
प्रयागराज के पावन संगम तट पर आयोजित माघ मेले में श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। माघ मेले के दूसरे स्नान पर्व मकर संक्रांति से ठीक एक दिन पहले, बुधवार को एकादशी के पावन अवसर पर दोपहर 12 बजे तक 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में पुण्य स्नान कर लिया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पूरा मेला क्षेत्र भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंगा नजर आया।
आधी रात से ही शुरू हो गया था स्नान
मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि श्रद्धालुओं का स्नान मंगलवार रात 12 बजे से ही शुरू हो गया था। देर रात से लेकर तड़के सुबह तक संगम तट पर श्रद्धालुओं की लगातार भीड़ पहुंचती रही। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, वैसे-वैसे श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से इजाफा होता गया।
मकर संक्रांति से पहले उमड़ा जनसैलाब
15 जनवरी को पड़ने वाले मकर संक्रांति के मुख्य स्नान पर्व से पहले ही लाखों श्रद्धालु प्रयागराज पहुंच चुके हैं। एकादशी के दिन बड़ी संख्या में साधु-संत, कल्पवासी और आम श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में स्नान कर पुण्य अर्जित किया। श्रद्धालुओं का मानना है कि मकर संक्रांति से पूर्व किया गया स्नान विशेष फलदायी होता है।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। मेला क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस बल, पीएसी और प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं। ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए भीड़ पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
संगम तट पर भक्तिमय माहौल
संगम तट पर हर-हर गंगे और जय गंगा मैया के जयघोष गूंजते रहे। दूर-दराज से आए श्रद्धालु ठंड के बावजूद स्नान के लिए घंटों इंतजार करते नजर आए। साधु-संतों के अखाड़ों में भी चहल-पहल बनी रही और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया।
प्रशासन ने की अपील
प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे निर्धारित स्नान घाटों का ही उपयोग करें, नियमों का पालन करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। साथ ही स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
आने वाले दिनों में और बढ़ेगी भीड़
मकर संक्रांति के मुख्य स्नान पर्व के साथ-साथ आने वाले दिनों में भी श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है। प्रशासन ने इसके लिए अतिरिक्त इंतजाम किए हैं ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से स्नान कर सकें।
कुल मिलाकर, प्रयागराज का माघ मेला एक बार फिर श्रद्धा, आस्था और अनुशासन का अद्भुत संगम बनता नजर आ रहा है, जहां लाखों श्रद्धालु पुण्य लाभ के लिए संगम में डुबकी लगा रहे हैं।



