छोटी मदद, बड़ा कमाल

शेर और चूहे की दोस्ती
एक घने जंगल में एक विशाल शेर रहता था। वह जंगल का राजा था और सभी जानवर उससे डरते थे। एक दिन, शेर एक जाल में फंस गया और छूटने की कोशिश में जोर-जोर से दहाड़ रहा था। तभी एक छोटा-सा चूहा वहां से गुजर रहा था। चूहे ने शेर की हालत देखी और बोला, “महाराज, मैं आपकी मदद कर सकता हूं।”
शेर हंसकर बोला, “तू इतना छोटा है, मेरी क्या मदद करेगा?” लेकिन चूहे ने कहा, “मुझे आजमाने दीजिए।” चूहे ने अपनी तेज दांतों से जाल की रस्सियां काटनी शुरू कीं। थोड़ी देर में ही जाल कट गया और शेर आजाद हो गया। शेर ने चूहे का शुक्रिया अदा किया और कहा, “आज से तू मेरा दोस्त है।”
कुछ समय बाद, चूहा खुद मुसीबत में फंस गया। शिकारियों ने उसे पकड़ लिया और एक पिंजरे में बंद कर दिया। चूहे ने मदद के लिए पुकारा। शेर ने उसकी आवाज सुनी और दौड़कर आया। अपनी ताकत से पिंजरे को तोड़ दिया और चूहे को बचा लिया।
**मोरल:** कभी किसी की छोटी सी मदद को कम मत समझो। दोस्ती में बड़ा या छोटा नहीं होता, बस सच्चाई और मदद का भाव होता है।



