
नई दिल्ली /देश की राजधानी दिल्ली में इस बार सर्दी ने बीते 20 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। न्यूनतम तापमान सामान्य से कई डिग्री नीचे चला गया, जिससे सुबह और रात के समय ठिठुरन बढ़ गई है। घना कोहरा, शीतलहर और बर्फीली हवाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में उत्तर भारत के कई राज्यों में ठंड का असर और तेज हो सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी हुई है, जिसका असर मैदानी इलाकों में साफ दिखाई दे रहा है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। खासकर सुबह के समय दृश्यता कम होने से सड़क और रेल यातायात भी प्रभावित हो रहा है।
वहीं, पूर्वी और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में बादल छाए रहने के साथ कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है, जिससे ठंड और बढ़ने के आसार हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश के बाद तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है।
दक्षिण भारत में हालांकि ठंड का असर अपेक्षाकृत कम है, लेकिन तटीय इलाकों में नमी और हल्की बारिश से मौसम बदल सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसलों को ठंड और संभावित बारिश से बचाने के लिए जरूरी सावधानियां बरतें।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 2 से 3 दिनों तक उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड बनी रहेगी और कुछ राज्यों में बारिश के बाद ठिठुरन और बढ़ सकती है। ऐसे में लोगों को सुबह-शाम विशेष सतर्कता बरतने, गर्म कपड़े पहनने और कोहरे में वाहन चलाते समय सावधानी रखने की सलाह दी गई है।



