रूस से तेल नहीं खरीदेगा भारत’; डोनाल्ड ट्रंप ने फिर किया दावा, भड़की कांग्रेस

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने भारत की राजनीति में हलचल मचा दी है। ट्रंप ने फिर दावा किया है कि अगर वे सत्ता में आए तो भारत रूस से तेल नहीं खरीदेगा, क्योंकि वह “कड़े फैसले” लेंगे। उनके इस बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और मोदी सरकार पर निशाना साधा है।
🔹 ट्रंप का बयान
डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी मीडिया से बातचीत में कहा,
> “अगर मैं व्हाइट हाउस में होता, तो भारत रूस से तेल नहीं खरीद पाता। अमेरिका के हितों के खिलाफ कोई भी सौदा मैं नहीं होने देता।”
ट्रंप के इस बयान को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी चर्चा शुरू हो गई है, क्योंकि भारत रूस से डिस्काउंट रेट पर कच्चा तेल खरीदकर अपनी ऊर्जा जरूरतें पूरी कर रहा है।
🔹 कांग्रेस का पलटवार
कांग्रेस ने ट्रंप के बयान का हवाला देते हुए केंद्र सरकार पर तंज कसा। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा —
> “मोदी सरकार ने भारत की विदेश नीति को इतना कमजोर बना दिया है कि कोई भी विदेशी नेता हमारी स्वायत्तता पर सवाल उठा रहा है। यह शर्मनाक है।”
🔹 भाजपा का जवाब
वहीं, भाजपा नेताओं ने कहा कि ट्रंप का बयान अमेरिकी चुनावी राजनीति का हिस्सा है और भारत अपनी ऊर्जा नीति अपने हितों के मुताबिक तय करता है। पार्टी का कहना है कि भारत किसी दबाव में आकर निर्णय नहीं लेगा।
🔹 अंतरराष्ट्रीय नजरें भारत पर
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भारत का रुख हमेशा संतुलित और रणनीतिक रहा है। अमेरिका और यूरोपीय देशों के दबाव के बावजूद भारत ने रूस से तेल खरीद जारी रखी है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर बनाए रखने में मदद मिली।
अब ट्रंप के ताजा बयान से भारत-अमेरिका संबंधों में एक बार फिर कूटनीतिक तनाव की संभावना जताई जा रही है।



