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इलाहाबाद हाई कोर्ट ने रोक दिया गिरफ्तारी का आदेश

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने रोक दिया गिरफ्तारी का आदेश
प्रयागराज इलाहाबाद हाई कोर्ट ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की अग्रिम जमानत याचिका पर अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है, और फैसला आने तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। यानी कोर्ट ने फिलहाल गिरफ्तारी नहीं होने देने का आदेश दिया है।

अदालत ने स्पष्ट किया है कि जब तक हाई कोर्ट अपना अंतिम आदेश जारी नहीं करती, तब तक पुलिस (गिरफ्तारी जैसे क़दम) नहीं उठा सकती। यह इंटरिम प्रोटेक्शन/आस्थाई राहत है, जो अगली सुनवाई तक लागू रहेगी।

मामला किस बारे में है?
यह मामला पॉक्सो (Protection of Children from Sexual Offences) अधिनियम के तहत दर्ज एक गंभीर यौन शोषण आरोपों से जुड़ा है, जिसमें स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी नामजद हैं।

दर्ज FIR में आरोप है कि दोनों कई नाबालिगों के साथ यौन शोषण किया गया — कथित तौर पर धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान।

नाबालिगों के खिलाफ किये गए मेडिकल परीक्षणों में यौन शोषण के संकेत मिले हैं, जो जांच का हिस्सा हैं।

क्या अब गिरफ्तारी नहीं होगी?
अब फिलहाल उनकी गिरफ्तारी नहीं होगी, क्योंकि HIGH COURT ने आदेश सुरक्षित रख लिया है और फैसले तक गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। पुलिस फिलहाल कार्रवाई नहीं कर सकती।

लेकिन यह स्थायी मंज़ूरी नहीं है — कोर्ट की अगली सुनवाई और अंतिम फैसले के बाद स्थिति बदल सकती है।
कार्रवाई आगे कैसे होगी?
आगे अदालत सुनवाई जारी रखेगी और सबूतों, दलीलों के आधार पर फैसला सुनाएगी।
अगर हाई कोर्ट उन्हें अग्रिम जमानत देती है, तो वे आगे किसी गिरफ्तारी और वैधानिक कार्रवाई से बच सकते हैं।
अगर जमानत नहीं मिलती है, तो गिरफ्तारी और आगे की जांच संभव है।

क्या विवाद अभी खत्म हुआ?
नहीं। मामला अभी न्यायालय के पास लंबित है और हाई कोर्ट के फैसले पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट सुनवाई जारी रखेगी।
Report: Nirupam pandey
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