टैरिफ लगाकर खुश न हों ट्रंप, भारत से कहीं ज्यादा अमेरिका की GDP पर होगा असरः विशेषज्ञों की चेतावनी
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत सहित कई देशों पर टैरिफ (आयात शुल्क) लगाने की योजना को लेकर अंतरराष्ट्रीय आर्थिक विशेषज्ञों ने चिंता जताई है।

टैरिफ लगाकर खुश न हों ट्रंप, भारत से कहीं ज्यादा अमेरिका की GDP पर होगा असरः विशेषज्ञों की चेतावनी
नई दिल्ली, 2 अगस्त:
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत सहित कई देशों पर टैरिफ (आयात शुल्क) लगाने की योजना को लेकर अंतरराष्ट्रीय आर्थिक विशेषज्ञों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि इस नीति का नुकसान भारत से ज्यादा अमेरिका की अर्थव्यवस्था को होगा।
विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि अमेरिका भारत जैसे बड़े निर्यातक देशों पर आयात शुल्क बढ़ाता है, तो इससे वहां महंगाई और उत्पादन लागत दोनों बढ़ेंगी। साथ ही, जवाबी कार्रवाई में भारत और अन्य देश भी अमेरिकी उत्पादों पर शुल्क बढ़ा सकते हैं, जिससे अमेरिकी निर्यात प्रभावित होगा।
भारत का क्या होगा असर?
हालांकि, भारत जैसे विकासशील देशों पर भी इसका असर होगा। कुछ क्षेत्रों में निर्यात घट सकता है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत अब कई अन्य विकल्पों और बाज़ारों की ओर बढ़ चुका है। मेक इन इंडिया जैसी योजनाएं और चीन के विकल्प के रूप में भारत की बढ़ती भूमिका से भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में मजबूती मिल रही है।
अमेरिका को बड़ा झटका?
अमेरिकी उपभोक्ताओं को अधिक कीमत पर सामान खरीदना पड़ेगा और घरेलू उद्योगों पर दबाव बढ़ेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप की टैरिफ नीति से अमेरिका की जीडीपी पर लंबे समय में 0.5% तक की गिरावट आ सकती है।
किसान, टेक सेक्टर और रिटेल पर असर
भारत से होने वाले निर्यात में प्रमुख रूप से टेक्नोलॉजी, फार्मा, कृषि उत्पाद और वस्त्र शामिल हैं। टैरिफ बढ़ने से इन क्षेत्रों पर असर पड़ेगा। अमेरिका के खुदरा व्यापारी पहले से ही उच्च लागत और आपूर्ति में देरी से जूझ रहे हैं।
निष्कर्ष
अंतरराष्ट्रीय व्यापार विशेषज्ञों ने चेताया है कि टैरिफ का खेल दोनों देशों के लिए जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए, व्यापार युद्ध के बजाय संवाद और संतुलित व्यापार नीति अपनाना ज्यादा बेहतर रास्ता होगा



