में आज से स्मार्ट मीटरिंग व्यवस्था लागू, माइनस बैलेंस पर कट सकती है बिजली

रिपोर्ट: निरुपमा पाण्डेय, जस्ट एक्शन न्यूज
लखनऊ।
उत्तर प्रदेश में बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए आज 13 मार्च से स्मार्ट प्रीपेड मीटरिंग प्रणाली पूरी तरह लागू कर दी गई है। अब जिन उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगे हैं, उनके खाते में बैलेंस खत्म होने या माइनस में जाने पर बिजली सप्लाई अपने आप कट सकती है।
बिजली विभाग के अनुसार प्रदेश में अब तक करीब 77 लाख 10 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें से 70 लाख से अधिक उपभोक्ताओं के मीटर प्रीपेड मोड में संचालित हो रहे हैं। नई प्रणाली के तहत बिजली इस्तेमाल करने से पहले उपभोक्ताओं को अपने मीटर खाते में रिचार्ज कराना होगा।
कैसे काम करेगा स्मार्ट प्रीपेड मीटर
स्मार्ट प्रीपेड मीटर मोबाइल रिचार्ज की तरह काम करेगा। यानी उपभोक्ता पहले पैसे जमा करेगा और उसी के अनुसार बिजली का उपयोग कर सकेगा। यदि खाते में मौजूद राशि समाप्त हो जाती है या बैलेंस माइनस हो जाता है तो मीटर स्वतः बिजली सप्लाई बंद कर सकता है।
उपभोक्ताओं को मिलेंगे अलर्ट
बिजली विभाग की ओर से उपभोक्ताओं को एसएमएस और मोबाइल ऐप के जरिए बैलेंस की जानकारी दी जाएगी। जब बैलेंस 30 प्रतिशत, 10 प्रतिशत और शून्य के करीब पहुंचेगा तो उपभोक्ता को अलर्ट भेजा जाएगा ताकि वह समय रहते रिचार्ज करा सके।
डिजिटल तरीके से कर सकेंगे रिचार्ज
उपभोक्ता अपने स्मार्ट मीटर को UPPCL की वेबसाइट, मोबाइल ऐप, BHIM, PhonePe, Google Pay जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए भी रिचार्ज कर सकते हैं। इसके अलावा बिजली विभाग के काउंटर पर भी रिचार्ज की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
2 प्रतिशत तक छूट का लाभ
पावर कॉरपोरेशन के अनुसार प्रीपेड स्मार्ट मीटर का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को बिजली बिल पर करीब 2 प्रतिशत तक की छूट भी दी जा रही है।
उपभोक्ताओं से अपील
बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने मीटर खाते का बैलेंस नियमित रूप से चेक करते रहें और समय-समय पर रिचार्ज कराते रहें, ताकि अचानक बिजली कटने की समस्या से बचा जा सके।



