दंतेवाड़ा: बिना अनुमति खुले में डंप हो रहा औद्योगिक कचरा, पर्यावरण नियमों की खुली अनदेखी

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में औद्योगिक कचरे के खुले में डंप किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ औद्योगिक इकाइयों द्वारा बिना आवश्यक अनुमति और निर्धारित मानकों का पालन किए बिना ही कचरे का निस्तारण किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण और स्थानीय आबादी पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि औद्योगिक अपशिष्ट को निर्धारित स्थल की बजाय खुले मैदानों और खाली पड़ी जमीनों पर फेंका जा रहा है। कई स्थानों पर रासायनिक अवशेष और ठोस कचरे के ढेर देखे गए हैं। बरसात के दौरान यह कचरा बहकर आसपास के खेतों और जलस्रोतों तक पहुंच सकता है, जिससे मिट्टी और पानी की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है।
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि बिना ट्रीटमेंट के औद्योगिक कचरे का खुले में डंपिंग पर्यावरण संरक्षण कानूनों का उल्लंघन है। इससे भूजल प्रदूषण, वायु गुणवत्ता में गिरावट और स्थानीय वन्यजीवों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। नियमों के तहत ऐसे कचरे के निस्तारण के लिए विशेष प्रक्रिया और अधिकृत स्थल तय होते हैं, लेकिन यहां इनका पालन होता नहीं दिख रहा।
मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन और संबंधित विभागों ने जांच की बात कही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित इकाइयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं स्थानीय ग्रामीणों ने मांग की है कि तत्काल डंपिंग पर रोक लगाई जाए और क्षेत्र की साफ-सफाई कराई जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े पर्यावरणीय संकट से बचा जा सके।
फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट का इंतजार है, लेकिन यह मामला पर्यावरण सुरक्षा और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। Poonam Report



