
इंटरनेशनल मुद्दे पर देशी सियासत तेज — ट्रंप की टैरिफ नीति पर भड़के अखिलेश
📍 लखनऊ | 29 जुलाई 2025 | अंतरराष्ट्रीय नीति पर सियासी प्रतिक्रिया
अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। अखिलेश ने कहा:
“सरकार अमेरिका से दोस्ती के दावे करती रही, लेकिन सच्चाई ये है कि भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर बार-बार नीचा दिखाया गया है। ये सिर्फ कूटनीतिक विफलता ही नहीं, आर्थिक आत्मसम्मान पर भी चोट है।”
🔹 क्या है मामला?
डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक बयान में कहा कि अगर वे दोबारा राष्ट्रपति बने, तो भारत से आयातित सामान पर भारी टैरिफ लगाएंगे। इसके पीछे उनका तर्क है कि भारत “अमेरिकी कंपनियों के लिए अब भी कठिन बाज़ार है।”
इस पर अखिलेश यादव ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि—
सरकार की विदेश नीति “सेल्फी और शोऑफ” तक सीमित है।
“मित्रता के नाम पर सिर्फ फोटो खिंचवाए गए, भारत को मिला क्या?”
अगर यही रुख रहा तो देश का व्यापार और किसान सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे।
🔹 विपक्ष का पलटवार
कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर केंद्र से जवाब मांगा है कि—
ट्रंप जैसे नेता बार-बार भारत पर टैरिफ बढ़ाने की धमकी क्यों देते हैं?
क्या यह केंद्र की विदेश नीति की कमजोरी नहीं है?
WTO और अन्य मंचों पर भारत की आवाज़ इतनी कमजोर क्यों पड़ी?
आगे क्या?
विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के बयान पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
सरकार की ओर से किसी मंत्री का बयान आना अभी बाकी है।
ट्रेड विशेषज्ञ मानते हैं कि यह सिर्फ राजनयिक चुनौती नहीं, बल्कि आर्थिक रणनीति की भी परीक्षा है।
निष्कर्ष:
जहां एक ओर भारत अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति का दावा करता है, वहीं ऐसे बयानों से घरेलू राजनीति में सवाल उठना स्वाभाविक है।
अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया ने इस मुद्दे को सियासी गर्मी में बदल दिया है।



