“यूपी में जल्द शुरू होगी 69,197 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की भर्ती, सरकार ने दिए कार्रवाई के निर्देश”

📰 यूपी में 69,197 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की होगी भर्ती, अफसरों को कार्यवाही शुरू करने के निर्देश
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्यभर में 69,197 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की भर्ती की तैयारी शुरू कर दी है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने इस संबंध में जिला प्रशासन को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। सरकार चाहती है कि यह भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए ताकि योजनाओं का लाभ सीधे गांव-गांव तक पहुंच सके।
👩🍼 ग्रामीण इलाकों में बढ़ेगी सुविधा
राज्य के ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों में पोषण और बाल विकास योजनाओं के सुचारू संचालन के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। नई भर्ती से कुपोषण मुक्ति अभियान और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जैसे कार्यक्रमों को और बल मिलेगा।
अधिकारियों के अनुसार, जिन क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्टाफ की कमी है, वहां प्राथमिकता के आधार पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
📋 विभाग को मिले निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग ने संबंधित जिलों के डीएम को भर्ती प्रक्रिया की तैयारी शुरू करने को कहा है।
प्रत्येक जिले में रिक्त पदों की सूची तैयार की जा रही है और जल्द ही विज्ञापन जारी किया जाएगा।
🧾 चयन प्रक्रिया
चयन मेरिट और पात्रता के आधार पर किया जाएगा।
अभ्यर्थियों को अपने शैक्षणिक प्रमाणपत्रों और निवास संबंधी दस्तावेजों के साथ आवेदन करना होगा।
ग्राम पंचायत स्तर पर समिति बनाकर पारदर्शी तरीके से चयन किया जाएगा।
🏛️ सरकार का उद्देश्य
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को 100% स्टाफ से लैस किया जाए। इससे महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और सुरक्षा से जुड़ी सेवाएं और बेहतर हो सकेंगे।
💬 विभागीय अधिकारी बोले
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि “प्रदेश में कई जगह लंबे समय से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के पद खाली थे। अब सरकार ने इन रिक्तियों को भरने का निर्णय लिया है ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में कोई बाधा न आए।”
📍 आंकड़ों में भर्ती योजना
🔹 कुल पद: 69,197
🔹 विभाग: महिला एवं बाल विकास विभाग, उत्तर प्रदेश
🔹 स्तर: ग्राम पंचायत / वार्ड स्तर पर भर्ती
🔹 उद्देश्य: महिला सशक्तिकरण व पोषण योजनाओं को मजबूत बनाना
यह कदम न केवल राज्य की महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोलेगा, बल्कि ग्रामीण विकास और बाल पोषण योजनाओं को भी नई गति देगा।



