
शिमला।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के बीएड (B.Ed) कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों को लेकर एक अहम फैसला लिया है। अब प्रबंधन कोटे (Management Quota) के तहत बीएड पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाले छात्रों को किसी भी प्रकार की सरकारी छात्रवृत्ति (Scholarship) का लाभ नहीं मिलेगा।
🔴 क्या है नया फैसला?
अब तक कई निजी बीएड कॉलेजों में प्रबंधन कोटे के तहत दाखिला लेने वाले छात्र भी विभिन्न सरकारी छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ उठा रहे थे। लेकिन सरकार ने साफ कर दिया है कि—
केवल मेरिट या काउंसलिंग प्रक्रिया से प्रवेश लेने वाले छात्र ही छात्रवृत्ति के पात्र होंगे
प्रबंधन कोटे से प्रवेश लेने वालों को यह सुविधा नहीं दी जाएगी
🎓 सरकार का तर्क क्या है?
शिक्षा विभाग के अनुसार, यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि:
सरकारी धन का सही और पारदर्शी उपयोग हो
मेरिट आधारित प्रवेश प्रक्रिया को बढ़ावा मिले
जरूरतमंद और योग्य छात्रों तक ही छात्रवृत्ति की राशि पहुंचे
📌 किन छात्रों पर पड़ेगा असर?
इस फैसले से:
निजी बीएड कॉलेजों में पढ़ रहे वे छात्र प्रभावित होंगे
जिन्होंने सीधे कॉलेज प्रबंधन के माध्यम से एडमिशन लिया है
खासकर वे छात्र जो आर्थिक रूप से छात्रवृत्ति पर निर्भर थे
🏫 कॉलेज प्रबंधन और छात्रों की प्रतिक्रिया
कुछ कॉलेज प्रबंधन इस फैसले से असहमत नजर आ रहे हैं। वहीं, कई छात्रों का कहना है कि—
प्रबंधन कोटे की फीस पहले ही ज्यादा होती है
ऐसे में छात्रवृत्ति बंद होने से पढ़ाई और मुश्किल हो जाएगी
📢 आगे क्या?
शिक्षा विभाग ने कॉलेजों को निर्देश दिए हैं कि:
प्रवेश के समय छात्रों को इस नियम की स्पष्ट जानकारी दी जाए
कोई भी छात्र गलत जानकारी के आधार पर छात्रवृत्ति के लिए आवेदन न करे
Poonam riport



