पितृपक्ष के पहले दिन वाराणसी में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, गंगा तट और पिशाचमोचन कुंड पर हुआ श्राद्ध कर्म

वाराणसी। पितृपक्ष की शुरुआत के साथ रविवार को वाराणसी में बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने पूर्वजों के निमित्त श्राद्ध कर्म करने पहुंचे। गंगा तट के साथ अनादि विमल तीर्थ पिशाचमोचन कुंड पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दी। लोगों ने श्रद्धाभाव से पिंडदान, तर्पण और त्रिपिंडी श्राद्ध सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान किए।
श्राद्ध कर्म के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से कई श्रद्धालु शनिवार शाम को ही वाराणसी पहुंच गए थे। रविवार सुबह होते ही गंगा घाटों और पिशाचमोचन कुंड पर धार्मिक गतिविधियां शुरू हो गईं। विशेष रूप से ऐसे लोग भी यहां पहुंचे, जिनके परिवार में किसी पूर्वज की अकाल मृत्यु हुई थी और उन्होंने कर्मकांडी ब्राह्मणों से त्रिपिंडी श्राद्ध कराया।
पिशाचमोचन कुंड पर श्रद्धालुओं ने अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा अर्पित करते हुए विधि-विधान से श्राद्ध कर्म किया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पितृपक्ष में पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण और पिंडदान किया जाता है।
वाराणसी में पितृपक्ष के दौरान होने वाले इन धार्मिक आयोजनों के कारण गंगा तट और प्रमुख तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ गई है। रविवार को सुबह से ही पिशाचमोचन कुंड का वातावरण धार्मिक अनुष्ठानों और श्रद्धालुओं की गतिविधियों से भरा रहा।
Poonam Report.



