यूपी के 17 जिलों में बाढ़, 2.45 लाख लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए

मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर 996 बाढ़ चौकियां सक्रिय, एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की टीमें राहत कार्य में जुटीं है उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और नदियों के जलस्तर बढ़ने से स्थिति गंभीर हो गई है। राज्य के 17 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। प्रशासन के अनुसार अब तक करीब 2.45 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।प्रदेश सरकार ने 996 बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी हैं और राहत व बचाव कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद हालात की समीक्षा की और स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता तुरंत उपलब्ध कराई जाए।
राहत और बचाव कार्य
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें नावों के जरिए प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को निकाल रही हैं।प्रशासन ने लगभग 30,000 पशुओं को भी सुरक्षित स्थलों पर पहुंचाया है।जगह-जगह अस्थायी शरणालय और राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां भोजन और दवाइयों की व्यवस्था की गई है।मेडिकल टीमें सक्रिय कर दी गई हैं ताकि पानी से फैलने वाली बीमारियों पर नियंत्रण रखा जा सके।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश
मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के प्रभारी मंत्रियों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ अधिकारियों को अलर्ट पर रहने को कहा है।
उन्होंने कहा:—>किसी भी परिवार को खुले में न रहने दिया जाए।बाढ़ प्रभावित इलाकों में पर्याप्त राशन, पीने का पानी और दवाइयां तुरंत पहुंचाई जाएं।संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाए और राहत सामग्री की कोई कमी न हो।बचाव कार्यों में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रभावित जिले
सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक जिन 17 जिलों में बाढ़ का सबसे ज्यादा असर है, उनमें शामिल हैं:
- बलिया
- बहराइच
- गोंडा
- लखीमपुर खीरी
- शाहजहांपुर
- प्रयागराज
- वाराणसी
- चंदौली
- बदायूं
- मेरठ
- मीरजापुर
- मुज़फ्फरनगर
- फर्रुखाबाद
- हरदोई
- कासगंज
- उन्नाव
- कानपुर नगर
स्थिति की पृष्ठभूमि
मानसूनी बारिश के चलते गंगा, घाघरा, शारदा और यमुना समेत कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया है। कई जगहों पर तटबंध कमजोर हो रहे हैं और नदी किनारे बसे गांवों में पानी घुस गया है।ग्रामीण इलाकों में फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है। धान, गन्ना और सब्ज़ी की खेती बाढ़ से प्रभावित हुई है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
सरकार की तैयारियां
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और राहत आयुक्त कार्यालय लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।जिलों में हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं ताकि लोग तुरंत मदद मांग सकें।नावें, ट्रैक्टर और ट्रक जैसी गाड़ियां बचाव कार्य के लिए तैनात हैं।पीडब्ल्यूडी और बिजली विभाग को निर्देश दिया गया है कि रास्ते और बिजली आपूर्ति जल्दी से जल्दी बहाल करें।



