नेपाल सरकार अगले शैक्षणिक सत्र से देशभर के स्कूलों में ‘बुक फ्री फ्राइडे’ और ‘स्किल इन एजुकेशन’ जैसी नई पहल लागू करने की तैयारी कर रही है।

नेपाल सरकार अगले शैक्षणिक सत्र से देशभर के स्कूलों में ‘बुक फ्री फ्राइडे’ और ‘स्किल इन एजुकेशन’ जैसी नई पहल लागू करने की तैयारी कर रही है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें व्यवहारिक ज्ञान, जीवनोपयोगी कौशल और रोजगार से जुड़े प्रशिक्षण से जोड़ना है। शिक्षा एवं खेलकूद मंत्री सस्मित पोखरेल ने पाठ्यक्रम सुधार के लिए सुझाव जुटाने के दौरान यह जानकारी दी।
सरकार राष्ट्रीय पाठ्यक्रम प्रारूप-2076 में संशोधन की प्रक्रिया पर काम कर रही है। इसके लिए विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े अन्य लोगों से सुझाव लिए जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि बदलती तकनीक और रोजगार की जरूरतों को देखते हुए स्कूली शिक्षा को अधिक व्यावहारिक और कौशल आधारित बनाने की आवश्यकता है।
‘बुक फ्री फ्राइडे’ के तहत शुक्रवार को विद्यार्थियों को सामान्य पाठ्यपुस्तक आधारित पढ़ाई से अलग गतिविधियों और कौशल सीखने के अवसर देने की योजना है। वहीं ‘स्किल इन एजुकेशन’ के माध्यम से शिक्षा में तकनीकी ज्ञान, जीवनोपयोगी कौशल और व्यावहारिक प्रशिक्षण को अधिक महत्व देने की तैयारी है।
पाठ्यक्रम में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सूचना प्रौद्योगिकी, नैतिक शिक्षा, तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा, साइबर सुरक्षा और जीवनोपयोगी कौशल जैसे विषयों को बेहतर तरीके से शामिल करने के सुझाव भी सामने आए हैं। सरकार का लक्ष्य विद्यार्थियों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है।
पाठ्यक्रम विकास केंद्र की ओर से सातों प्रदेशों में विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों से सुझाव लिए जा रहे हैं। पहले चरण में 28 जिलों में संवाद कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जबकि इसके बाद सभी 77 जिलों तक पहुंचकर सुझाव लेने की योजना है।
Poonam Report



