Buxar News: ईवीएम को लेकर जागरूकता बढ़ाने की तैयारी, जिले भर में लगेंगे प्रदर्शन केंद्र
बक्सर। जिले में आगामी चुनाव को देखते हुए प्रशासन ने ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) और वीवीपैट (VVPAT) को लेकर जनता में भरोसा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है।

Buxar News: ईवीएम को लेकर जागरूकता बढ़ाने की तैयारी, जिले भर में लगेंगे प्रदर्शन केंद्र
बक्सर। जिले में आगामी चुनाव को देखते हुए प्रशासन ने ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) और वीवीपैट (VVPAT) को लेकर जनता में भरोसा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। चुनाव प्रक्रिया को लेकर किसी भी तरह की शंका, भ्रम या अफवाहों को दूर करने के उद्देश्य से प्रदर्शन केंद्रों की स्थापना की जाएगी, जहां आम लोग स्वयं ईवीएम की कार्यप्रणाली को देख और समझ सकेंगे।
हर ब्लॉक और प्रमुख स्थानों पर होंगे डेमो सेंटर
जिलाधिकारी ने निर्देश जारी करते हुए कहा कि प्रत्येक अनुमंडल, ब्लॉक मुख्यालय, नगर परिषद कार्यालय और प्रमुख भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर प्रदर्शन केंद्र लगाए जाएंगे। इन केंद्रों पर प्रशिक्षित कर्मी मौजूद रहेंगे, जो मतदाताओं को ईवीएम और वीवीपैट से जुड़ी पूरी जानकारी देंगे।
लोग यहां आकर मशीन को देख सकेंगे, उसे चलाकर भी देख सकेंगे, जिससे उन्हें यह समझने में आसानी होगी कि उनका वोट किसे गया और वीवीपैट से उसका मिलान कैसे होता है।
छात्रों और युवाओं को भी जोड़ा जाएगा अभियान से
इस अभियान में विद्यालयों और कॉलेजों को भी शामिल किया जाएगा। जिला प्रशासन छात्रों को मतदान के प्रति जागरूक नागरिक बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। चुनाव आयोग की गाइडलाइन के अनुसार युवाओं में पहली बार मतदान करने वालों को खास ट्रेनिंग और जागरूकता दी जाएगी।
ईवीएम पर भरोसा बढ़ाना प्राथमिकता
प्रशासन का मानना है कि ईवीएम को लेकर कई बार अफवाहें फैलती हैं, जिससे आम मतदाता भ्रमित हो जाता है। इन्हीं भ्रांतियों को दूर करने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए यह पहल की गई है।
प्रदर्शन केंद्रों की स्थापना अगस्त के पहले सप्ताह से शुरू हो जाएगी और यह चुनाव प्रक्रिया संपन्न होने तक जारी रहेंगे। हर केंद्र पर विशेष प्रदर्शन सत्र होंगे, जिसमें लोगों के सवालों का जवाब भी दिया जाएगा।
क्या है वीवीपैट?
वीवीपैट (Voter Verifiable Paper Audit Trail) एक ऐसी तकनीक है जो वोट डालने के बाद मतदाता को यह दिखाती है कि उसने किस उम्मीदवार को वोट दिया। इससे मतदाता का भरोसा चुनाव प्रक्रिया पर और अधिक मजबूत होता है।



