नवानगर संसाधन केंद्र में 100 शिक्षकों को मिला FLN मिशन के तहत आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान का प्रशिक्षण
बलिया जनपद के नवानगर ब्लॉक में शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली।
नवानगर संसाधन केंद्र में 100 शिक्षकों को मिला FLN मिशन के तहत आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान का प्रशिक्षण
बलिया, उत्तर प्रदेश | 29 जुलाई 2025
बलिया जनपद के नवानगर ब्लॉक में शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। स्थानीय संसाधन केंद्र (BRC नवानगर) में ‘निपुण भारत मिशन’ (NIPUN Bharat Mission) के तहत 100 शिक्षकों को आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान से संबंधित व्यापक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। यह कार्यक्रम न केवल शिक्षकों की शैक्षणिक दक्षता को निखारने के उद्देश्य से आयोजित किया गया, बल्कि बालकों में कक्षा 3 तक मूलभूत भाषा और गणितीय कौशल विकसित करने की राष्ट्रीय प्राथमिकता को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था।
📘 प्रशिक्षण का उद्देश्य और पृष्ठभूमि
‘निपुण भारत मिशन’ मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कक्षा 3 तक के सभी बच्चे पढ़ना, समझना और गणना करना पूरी तरह से सीख सकें। इसी दिशा में बलिया जिले में यह तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसे बीएसए कार्यालय और समेकित शिक्षा विभाग के सहयोग से संचालित किया गया।
कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षकों को बताया गया कि किस प्रकार वे बच्चों की सीखने की क्षमता पहचान कर, व्यक्तिगत सीखने की रणनीति अपनाते हुए उन्हें सशक्त और निपुण छात्र बना सकते हैं।
👨🏫 प्रशिक्षण की मुख्य गतिविधियाँ
भाषा अधिगम: शिक्षकों को बच्चों में कहानी सुनने, पढ़ने की आदत विकसित करने, वर्णमाला पहचान, शब्द निर्माण और वाक्य समझ जैसे मूलभूत बिंदुओं पर केंद्रित किया गया।
संख्यात्मक ज्ञान: गणितीय अवधारणाओं जैसे जोड़-घटाव, गिनती, पैटर्न, आकृति और मापन जैसे विषयों पर सरल और प्रभावी पद्धतियों के साथ शिक्षण सिखाया गया।
एक्टिविटी-बेस्ड लर्निंग: शिक्षकों को खेल और गतिविधि आधारित शिक्षण सामग्री का प्रयोग करके सीखने की प्रक्रिया को रुचिकर और व्यावहारिक बनाने की विधियाँ सिखाई गईं।
डिजिटल टूल्स और ई-रिसोर्सेज: ‘दीक्षा ऐप’, ‘FLN ई-कंटेंट’, और स्मार्ट क्लास साधनों के प्रयोग पर भी विशेष सत्र हु
🗣️ अधिकारियों के वक्तव्य
खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) नवानगर ने अपने संबोधन में कहा:
> “बुनियादी शिक्षा ही राष्ट्र की असली नींव है। शिक्षकों को नवीनतम तकनीकों और बच्चों की सोच के अनुरूप प्रशिक्षित करना अत्यंत आवश्यक है। यह प्रशिक्षण न केवल एक कार्यक्रम है, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शन का माध्यम है।”
बीआरसी समन्वयक ने कहा कि प्रशिक्षकों द्वारा दिए गए अनुभव आधारित सत्रों ने शिक्षकों को न केवल आत्मविश्लेषण का मौका दिया, बल्कि उन्हें शिक्षण में नवाचार लाने के लिए प्रेरित भी किया।
माहौल और सहभागिता
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने विभिन्न शिक्षण गतिविधियों में भाग लिया।
प्रत्येक प्रशिक्षक ने समूहों में कार्य कर सहयोगात्मक शिक्षण की बारीकियों को समझा।
शिक्षकों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए।
समापन सत्र में सभी शिक्षकों ने इस प्रशिक्षण को उपयोगी, प्रासंगिक और प्रेरणादायक बताया।
निष्कर्ष
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम नवानगर ब्लॉक के शैक्षिक विकास में मील का पत्थर साबित हुआ। FLN जैसी योजनाएं केवल एक औपचारिक अभियान नहीं हैं, बल्कि यह सुनिश्चित करने की कोशिश हैं कि भारत के हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण और समझ आधारित शिक्षा मिले।
बलिया में इस तरह के आयोजनों से यह साफ संकेत मिलता है कि जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग मिलकर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए गंभीर और सक्रिय प्रयास कर रहे हैं।



