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Lucknow News: ‘बकाया तीन लाख दो… तब मिलेगी लाश’ — समर्थकों संग अस्पताल पहुंचे सपा विधायक, जमकर हुआ हंगामा

लखनऊ के एक सरकारी अस्पताल में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब समाजवादी पार्टी (सपा) के एक विधायक अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंच गए और अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए जोरदार हंगामा किया। मामला एक मृतक के शव को लेकर बकाया भुगतान की मांग से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें परिजनों का आरोप है कि तीन लाख रुपये का बकाया चुकाने के बाद ही शव देने की बात कही गई।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, इलाज के दौरान एक मरीज की अस्पताल में मौत हो गई। इसके बाद परिजन जब शव लेने पहुंचे तो अस्पताल प्रशासन की ओर से इलाज का बकाया भुगतान करने की बात कही गई। आरोप है कि परिजनों से कहा गया कि पूरा बकाया चुकाने के बाद ही शव सौंपा जाएगा।

इस बात की सूचना जब सपा विधायक तक पहुंची, तो वे समर्थकों के साथ सीधे अस्पताल पहुंच गए।

अस्पताल परिसर में हंगामा

विधायक और उनके समर्थकों ने अस्पताल परिसर में प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और इस कार्रवाई को अमानवीय बताया। विधायक का कहना था कि गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले परिजनों पर इस तरह का दबाव बनाना गलत है और शव को रोकना पूरी तरह अनुचित है।

हंगामे के चलते कुछ समय के लिए अस्पताल का कामकाज भी प्रभावित हुआ, वहीं मौके पर मौजूद मरीजों और उनके तीमारदारों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

विधायक के आरोप

सपा विधायक ने आरोप लगाया कि

अस्पताल प्रशासन नियमों की आड़ में गरीबों का शोषण कर रहा है

शव रोककर भुगतान की शर्त लगाना संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है

इस तरह की घटनाएं सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं

उन्होंने मांग की कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और पीड़ित परिवार को तुरंत राहत दी जाए।

प्रशासन की सफाई

वहीं अस्पताल प्रशासन की ओर से कहा गया कि मामला नियमों और प्रक्रियाओं से जुड़ा है। उनका दावा है कि इलाज के दौरान खर्च हुए बिल का भुगतान लंबित था और उसी को लेकर परिजनों से बात की जा रही थी। हालांकि, हंगामे के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला।

राजनीतिक तूल पकड़ता मामला

घटना के बाद यह मामला राजनीतिक रंग भी लेता नजर आया। सपा कार्यकर्ताओं ने इसे गरीब विरोधी मानसिकता बताते हुए सरकार और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए। वहीं प्रशासन ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

फिलहाल, अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था और मानवीय संवेदनाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Poonam report

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