लड़ते रहें… डरे नहीं’: रायबरेली में राहुल गांधी का बड़ा बयान — बोले, सरकार ने धर्म का आडंबर ओढ़ा है, जिसे बेनकाब करना जरूरी

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रायबरेली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कार्यकर्ताओं और आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि “लड़ते रहें, डरे नहीं”, क्योंकि देश में सच्चाई की लड़ाई आसान नहीं है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने धर्म का आडंबर ओढ़ रखा है, जिसे जनता के सामने बेनकाब करना बेहद जरूरी है।
सरकार पर सीधा हमला
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि धर्म का असली अर्थ सच्चाई, करुणा और एक-दूसरे की मदद से जुड़ा होता है, लेकिन आज इसे राजनीति का हथियार बना दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग धर्म की आड़ में नफरत और डर का माहौल पैदा कर रहे हैं।
उनका कहना था कि जब लोग सवाल पूछते हैं, तो उन्हें डराने की कोशिश की जाती है, लेकिन लोकतंत्र सवालों से ही मजबूत होता है।
‘डर के खिलाफ खड़े होना जरूरी’
कांग्रेस नेता ने कहा कि देश में बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की समस्याओं जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए धर्म का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे किसी भी दबाव में न आएं और संविधान व लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए मजबूती से खड़े रहें।
राहुल गांधी ने जोर देकर कहा,
“अगर आप सच के साथ हैं, तो डरने की जरूरत नहीं। लड़ाई लंबी है, लेकिन जीत सच्चाई की ही होगी।”
रायबरेली से दिया मजबूत संदेश
रायबरेली, जो कांग्रेस का पारंपरिक गढ़ माना जाता है, वहां से राहुल गांधी ने यह संदेश देने की कोशिश की कि पार्टी जनता के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य धर्म, जाति और नफरत से ऊपर उठकर देश को जोड़ने की राजनीति करना है।
कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह
राहुल गांधी के भाषण के दौरान कार्यक्रम स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। उनके बयानों को आगामी राजनीतिक रणनीति के संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है।
राहुल गांधी के इस बयान ने एक बार फिर धर्म और राजनीति के मुद्दे पर बहस को तेज कर दिया है। आने वाले समय में इस बयान का राजनीतिक असर कितना होगा, यह देखना दिलचस्प रहेगा।
Poonam report



