मुख्यमंत्री योगी का बड़ा बयान: बोले
सनातन धर्म को भीतर से खोखला कर रहे ‘कालनेमि’, समाज को सतर्क रहने की जरूरत

लखनऊ।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सनातन धर्म को लेकर बड़ा और कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आज समाज को उन लोगों से सबसे ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है जो बाहर से साधु-संत का चोला ओढ़कर भीतर से सनातन धर्म को खोखला करने का काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने ऐसे लोगों की तुलना ‘कालनेमि’ से करते हुए कहा कि ये आंतरिक शत्रु सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सनातन धर्म की शक्ति उसकी परंपराओं, आस्था और मूल्यों में निहित है, लेकिन कुछ लोग निजी स्वार्थ, दिखावे और पाखंड के जरिए समाज को भ्रमित कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो लोग धर्म की आड़ में अधर्म फैलाते हैं, वही सबसे बड़ा खतरा हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा
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“सनातन धर्म को कोई बाहरी ताकत नुकसान नहीं पहुंचा सकती, लेकिन जब अपने ही भीतर से कोई कालनेमि पैदा हो जाए, तब सतर्क रहने की सबसे ज्यादा आवश्यकता होती है।”
मुख्यमंत्री ने समाज से आह्वान किया कि वह सच्चे साधु-संतों और पाखंडी तत्वों के बीच अंतर पहचाने। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा हमेशा से सत्य, सेवा और संयम का संदेश देती आई है, लेकिन कुछ लोग इसका दुरुपयोग कर समाज को गुमराह कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार धर्म की आड़ में समाज को तोड़ने या भ्रम फैलाने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाएगी। योगी ने दो टूक कहा कि आस्था के नाम पर अराजकता और छल को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के इस बयान को मौजूदा सामाजिक और धार्मिक विमर्श के संदर्भ में बेहद अहम माना जा रहा है। उनका यह संदेश साफ है कि सनातन धर्म की रक्षा केवल बाहरी चुनौतियों से नहीं, बल्कि भीतर छिपे पाखंड और दिखावे से भी करनी होगी।
— निरुपमा पांडे
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