दुनिया बेंगलुरु के नजरिए से देखती है भारत”, दावोस में बोले डीके शिवकुमार — जानें और क्या कहा

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कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दौरान भारत की वैश्विक छवि को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि
> “आज दुनिया भारत को बेंगलुरु के नजरिए से देखती है।”
उनके इस बयान को भारत की तकनीकी, आर्थिक और स्टार्टअप ताकत से जोड़कर देखा जा रहा है।
बेंगलुरु क्यों बना भारत की पहचान?
डीके शिवकुमार ने कहा कि बेंगलुरु सिर्फ कर्नाटक ही नहीं, बल्कि पूरे भारत का टेक्नोलॉजी और इनोवेशन हब बन चुका है।
आईटी और स्टार्टअप सेक्टर में बेंगलुरु की मजबूत पकड़
वैश्विक कंपनियों की बड़ी मौजूदगी
युवाओं और स्किल्ड वर्कफोर्स का केंद्र
इन वजहों से दुनिया भारत की ग्रोथ को बेंगलुरु के मॉडल से आंकती है।
निवेश को लेकर क्या बोले डीके शिवकुमार?
दावोस में निवेशकों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि कर्नाटक सरकार—
निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार कर रही है
उद्योगों को तेज मंजूरी और सुविधाएं दे रही है
इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और ग्रीन एनर्जी पर खास फोकस कर रही है
उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में कर्नाटक वैश्विक निवेश का बड़ा केंद्र बनेगा।
युवाओं और रोजगार पर जोर
डीके शिवकुमार ने यह भी कहा कि सरकार की प्राथमिकता—
युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर
स्टार्टअप्स को बढ़ावा
स्किल डेवलपमेंट
है, ताकि भारत की युवा शक्ति को वैश्विक मंच पर और मजबूती मिले।
बयान के सियासी मायने
डीके शिवकुमार का यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारत खुद को वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करने की कोशिश में जुटा है। उनके इस बयान को कर्नाटक की भूमिका को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।
दावोस से दिया गया यह संदेश साफ करता है कि बेंगलुरु अब सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि भारत की वैश्विक पहचान का चेहरा बन चुका है।
Poonam report



