
मुंबई: हफ्ते के कारोबारी सत्र में शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। दिन की ऊंचाई से करीब 700 अंक टूटकर सेंसेक्स लाल निशान में बंद हुआ, जबकि निफ्टी 25,500 के स्तर के नीचे फिसल गया। अचानक आई इस गिरावट से निवेशकों में बेचैनी देखी गई।
सेंसेक्स Bombay Stock Exchange (BSE) पर कारोबार करता है, जबकि निफ्टी National Stock Exchange of India (NSE) का प्रमुख सूचकांक है।
बाजार में गिरावट के प्रमुख कारण
1️⃣ वैश्विक संकेत कमजोर
अमेरिकी और एशियाई बाजारों में कमजोरी का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। विदेशी बाजारों से नकारात्मक संकेत मिलने के बाद घरेलू निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी।
2️⃣ आईटी और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली
आईटी, बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में तेज बिकवाली देखी गई, जिससे प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बढ़ा। बड़े लार्जकैप शेयरों के गिरने से इंडेक्स नीचे आया।
3️⃣ विदेशी निवेशकों की बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की ओर से बिकवाली के आंकड़ों ने बाजार की धारणा कमजोर की। जब बड़े निवेशक पैसा निकालते हैं तो बाजार पर सीधा असर पड़ता है।
4️⃣ कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई और चालू खाते के घाटे को लेकर चिंता बढ़ी, जिसका असर बाजार पर दिखा
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट फिलहाल वैश्विक कारणों और तकनीकी स्तरों के टूटने की वजह से है। लंबी अवधि के निवेशकों को घबराने के बजाय मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।
आने वाले कारोबारी सत्रों में वैश्विक संकेत, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और आर्थिक आंकड़े बाजार की दिशा तय करेंगे। फिलहाल बाजार में अस्थिरता बने रहने की संभावना जताई जा रही है।
(Poonam Report)



