United States ने Iran के तेल निर्यात नेटवर्क पर बड़ा आर्थिक प्रहार करते हुए 50 से अधिक संस्थाओं, कंपनियों, जहाजों और अन्य संबंधित ठिकानों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई (सैंक्शन) की है।
मिली जानकारी के अनुसार, अमेरिका का कहना है कि इन प्रतिबंधों का उद्देश्य ईरान के तेल निर्यात नेटवर्क और उससे जुड़े वित्तीय तंत्र पर दबाव बढ़ाना है। प्रतिबंधों के दायरे में कई कंपनियां, जहाज और कारोबारी इकाइयां शामिल हैं, जिन पर ईरानी तेल के परिवहन या व्यापार में भूमिका निभाने का आरोप है।
अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि इस कदम से प्रतिबंधों के उल्लंघन को रोकने और ईरान के राजस्व स्रोतों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। वहीं, ईरान पहले भी ऐसे प्रतिबंधों का विरोध करता रहा है और उन्हें एकतरफा एवं अनुचित करार देता रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कार्रवाई का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार, तेल व्यापार और क्षेत्रीय भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल दोनों देशों की ओर से आगे की रणनीति पर नजर बनी हुई है।
(Poonam Report)



