श्वेत वस्त्रों में नवयौवन रूप के दर्शन से श्रद्धालु हुए भाव-विभोर, 13 घंटे 30 मिनट तक खुले रहे कपाट; कल से शुरू होगा मेला

पुरी (ओडिशा): भगवान श्रीजगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा ने शुक्रवार को भक्तों को अपने नवयौवन (नवयौबन) रूप में दर्शन दिए। स्नान पूर्णिमा के बाद अनासार काल समाप्त होने पर तीनों विग्रहों को श्वेत वस्त्रों और विशेष श्रृंगार में सजाया गया। मंदिर के कपाट लगभग 13 घंटे 30 मिनट तक श्रद्धालुओं के लिए खुले रहे, जिसके दौरान लाखों भक्तों ने दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
मंदिर परंपरा के अनुसार भगवान को विशेष भोग अर्पित किया गया और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। नवयौवन दर्शन के अवसर पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला।
मंदिर प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए। श्रद्धालुओं ने लंबी कतारों में अपनी बारी का इंतजार करते हुए भगवान के दर्शन किए।
अब श्रद्धालुओं की निगाहें विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा पर टिकी हैं। कल से मेले की शुरुआत होगी, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। प्रशासन ने मेले और रथ यात्रा को लेकर सुरक्षा, यातायात और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया है।
धार्मिक मान्यता है कि नवयौवन दर्शन के बाद भगवान श्रीजगन्नाथ अपने भक्तों को नई ऊर्जा, सुख और समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। ऐसे में यह अवसर श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत शुभ और विशेष माना जाता है। Poonam report



