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भारत की लोकतांत्रिक रैंकिंग पर सियासी बहस, चिदंबरम ने सरकार पर उठाए सवाल

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भारत की लोकतांत्रिक स्थिति को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। V-Dem के Electoral Democracy Index के अनुसार भारत को 179 देशों में 106वां स्थान मिला है और 2025 के लिए भारत का स्कोर 0.38 बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार यह भारत का 1975 के बाद सबसे निचला स्तर है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने इस रिपोर्ट का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारत की रैंकिंग और स्कोर में गिरावट लोकतांत्रिक संस्थाओं तथा चुनावी व्यवस्था को लेकर चिंता पैदा करती है।

V-Dem की रिपोर्ट में क्या कहा गया?

V-Dem के आंकड़ों के मुताबिक भारत का Electoral Democracy Index स्कोर 0.38 रहा और देश 179 देशों में 106वें स्थान पर है। इसी रिपोर्ट में भारत को “electoral autocracy” श्रेणी में रखा गया है। Liberal Democracy Index में भारत 105वें स्थान पर रहा और उसका स्कोर 0.26 बताया गया।

हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि V-Dem का इंडेक्स एक स्वतंत्र शोध संस्थान की मूल्यांकन पद्धति पर आधारित है। इसे भारत सरकार द्वारा जारी कोई आधिकारिक लोकतंत्र सूचकांक नहीं माना जाना चाहिए।

चिदंबरम ने क्यों उठाए सवाल?

चिदंबरम ने सोशल मीडिया पर भारत की रैंकिंग और स्कोर का उल्लेख करते हुए सरकार से सवाल किया। कांग्रेस लंबे समय से चुनावी प्रक्रिया, संस्थाओं की स्वतंत्रता और नागरिक स्वतंत्रताओं जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार की आलोचना करती रही है।

दूसरी ओर, भारत में लोकतंत्र की स्थिति को मापने वाले अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय सूचकांकों की पद्धतियां और निष्कर्ष अलग-अलग हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, Freedom House की 2026 रिपोर्ट भारत को “Partly Free” श्रेणी में रखती है और उसका कुल स्कोर 62/100 है।

इसलिए V-Dem की रैंकिंग को भारत की लोकतांत्रिक स्थिति का एक मूल्यांकन समझना चाहिए, न कि अकेले इससे देश की पूरी लोकतांत्रिक तस्वीर का निष्कर्ष निकालना चाहिए।

Poonam Report

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