वाराणसी में बाढ़ से 4,082 लोग प्रभावित, 16 वार्ड और 24 गांव चपेट में; 2,690 लोग राहत शिविरों में

वाराणसी में गंगा के बढ़े जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति ने शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित किया है। रिपोर्ट के अनुसार बाढ़ से 16 वार्डों और 24 गांवों में कुल 4,082 लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें से 2,690 लोगों को राहत शिविरों में ठहराया गया है, जहां प्रशासन की ओर से आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद नदी के आसपास के निचले इलाकों में पानी का असर बढ़ा। कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। राहत शिविरों में रह रहे लोगों के लिए भोजन, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक गंगा का जलस्तर धीरे-धीरे कम होने लगा है, लेकिन बड़ी संख्या में लोग अभी भी राहत शिविरों में हैं।
बाढ़ के कारण बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई है। कुछ स्कूल भवनों को राहत शिविरों के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे स्थानों पर रहने वाले बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए शिक्षक और प्रशासन व्यवस्था बनाने में जुटे हैं।
वाराणसी में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन पहले से ही राहत और बचाव की तैयारियों पर जोर दे रहा है। इससे पहले गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर से ऊपर पहुंच गया था और कई रिहायशी तथा ग्रामीण इलाकों में पानी का असर देखा गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अधिकारियों से स्थिति की जानकारी लेकर प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने पर जोर दिया था।
प्रशासन के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित परिवारों को सुरक्षित रखने और पानी कम होने के बाद उन्हें सामान्य जीवन में वापस लाने की है। बाढ़ के कारण प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, बिजली, आवागमन और अन्य स्थानीय सुविधाओं पर भी असर पड़ सकता है। पानी उतरने के बाद प्रभावित इलाकों में सफाई और नुकसान का आकलन भी महत्वपूर्ण होगा।
वाराणसी में बाढ़ प्रबंधन के लिए तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासन ने 3D Urban Spatial Digital Twin जैसी तकनीक के जरिए संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का आकलन करने और राहत-बचाव की योजना पहले से तैयार करने की व्यवस्था विकसित की है।
फिलहाल गंगा का जलस्तर घटने की खबर से राहत की उम्मीद बढ़ी है, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों के अभी भी शिविरों में रहने के कारण प्रशासन की राहत व्यवस्था जारी है। प्रभावित परिवारों की सुरक्षित वापसी और बाढ़ के बाद की स्थिति को सामान्य करना आने वाले दिनों में प्राथमिकता रहेगी।
Poonam Report



