गुलजार सिंह मौत मामला: परिवार ने हरपाल चीमा के खिलाफ FIR की मांग की, पांच लोगों पर पहले ही दर्ज हो चुका है केस
पंजाब के संगरूर जिले के तूर बंजारा गांव में गुलजार सिंह की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। नशे की समस्या को लेकर वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से सवाल उठाने वाले गुलजार सिंह की मौत के बाद परिवार और ग्रामीणों ने मंत्री के खिलाफ भी FIR दर्ज करने की मांग उठाई है। हालांकि, अभी दर्ज FIR में हरपाल सिंह चीमा का नाम शामिल नहीं है। पुलिस ने गांव की सरपंच समेत पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
मामले के अनुसार, गुलजार सिंह ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में अपने क्षेत्र में नशीले पदार्थों की उपलब्धता और अपने बेटे की नशे की समस्या को लेकर वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से सवाल किया था। इसके बाद परिवार ने आरोप लगाया कि उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया और पंचायत से जुड़े लोगों की ओर से माफी मांगने का दबाव बनाया गया। परिवार का आरोप है कि इस घटनाक्रम के बाद गुलजार सिंह मानसिक तनाव में थे और उनकी मौत हो गई। इन आरोपों की जांच की जा रही है।
पुलिस ने मामले में सरपंच बलजिंदर कौर, उनके पति बलजीत सिंह उर्फ राज और तीन अन्य लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने, उत्पीड़न और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम से जुड़ी धाराओं में FIR दर्ज की है। इन पांचों आरोपियों की गिरफ्तारी की भी जानकारी सामने आई है।
परिवार और ग्रामीणों की मांग है कि जांच का दायरा बढ़ाकर हरपाल सिंह चीमा की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच की जाए और यदि जांच में कोई आपराधिक जिम्मेदारी सामने आती है तो उनके खिलाफ भी मामला दर्ज किया जाए। दूसरी ओर, हरपाल सिंह चीमा ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि उन्होंने गुलजार सिंह की शिकायत सुनी थी और पुलिस को नशे की बिक्री से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए चार सदस्यीय विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया गया है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने भी घटना का संज्ञान लेते हुए पंजाब सरकार से रिपोर्ट मांगी है। इससे मामले की जांच अब राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण हो गई है।
घटना को लेकर पंजाब की राजनीति में भी आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हरपाल सिंह चीमा के इस्तीफे और स्वतंत्र, निष्पक्ष तथा समयबद्ध जांच की मांग की है। वहीं आम आदमी पार्टी की ओर से विपक्ष पर मामले को राजनीतिक रूप देने के आरोप लगाए गए हैं।
फिलहाल पुलिस की FIR में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का नाम नहीं है। SIT की जांच और परिवार के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के लिए किन लोगों की कानूनी जिम्मेदारी बनती है।
Poonam Report



