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विजय माल्या का ₹14,131 करोड़ की रिकवरी पर दावा, बोले- फिर भी भगोड़ा क्यों कहा जा रहा

लंदन में रह रहे कारोबारी विजय माल्या ने एक बार फिर अपने खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई और उन्हें ‘भगोड़ा’ कहे जाने पर सवाल उठाए हैं। 10 सितंबर को सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए माल्या ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से बताई गई करीब ₹14,131.60 करोड़ की रिकवरी का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि इतनी बड़ी रकम बैंकों को वापस की जा चुकी है, इसके बावजूद उन्हें लगातार भगोड़ा और धोखाधड़ी करने वाला बताया जा रहा है।

माल्या ने अपनी पोस्ट में कहा कि उनके साथ लगातार अन्याय हो रहा है और इसी संदर्भ में उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में लिखा कि शायद कॉकरोच बन जाना बेहतर होगा। उनके इस बयान के बाद उनका पुराना बैंक कर्ज, भारत में चल रही कानूनी प्रक्रिया और उनकी वापसी का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

माल्या का कहना है कि ब्रिटेन में चल रही कानूनी प्रक्रिया के कारण वह फिलहाल भारत नहीं लौट सकते। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अगर बैंकों की ओर से बड़ी रकम की वसूली हो चुकी है तो उन्हें अब भी आर्थिक अपराधी या धोखाधड़ी से जुड़े मामले में उसी तरह क्यों देखा जा रहा है। हालांकि, ये माल्या के अपने दावे हैं और भारत में उनके खिलाफ चल रही कानूनी स्थिति इससे अपने आप खत्म नहीं होती।

विजय माल्या को भारत में भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया जा चुका है और उनकी भारत वापसी के लिए प्रत्यर्पण प्रक्रिया लंबे समय से चल रही है। मुंबई हाईकोर्ट ने भी कहा है कि भारतीय अदालतों से कानूनी राहत पाने के लिए उन्हें भारत आकर न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना होगा।

माल्या का मामला बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस से जुड़े बैंक कर्ज और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के कारण लंबे समय से कानूनी विवाद में है। ईडी और अन्य एजेंसियों की कार्रवाई के तहत उनकी संपत्तियों और धन से जुड़ी वसूली की प्रक्रिया भी चलती रही है। दूसरी ओर, माल्या लगातार अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों और ‘भगोड़ा’ की पहचान पर सवाल उठाते रहे हैं।

इस पूरे मामले में फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि बैंकों को हुई रिकवरी और माल्या की भारत वापसी से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया को किस तरह आगे बढ़ाया जाता है। माल्या के ताजा बयान ने इस पुराने मामले को फिर से सुर्खियों में ला दिया है।

Poonam Report

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