
एक हाई-प्रोफाइल विवाद ने कानूनी मोड़ ले लिया है। पत्नी प्रिया सचदेवा ने हाईकोर्ट में 20 करोड़ रुपये की मानहानि का दावा दायर किया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि उनके खिलाफ सार्वजनिक मंचों और मीडिया के जरिए झूठे व भ्रामक आरोप लगाए गए, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा और निजी जीवन को गंभीर क्षति पहुंची है।
क्या है आरोप?
याचिका के अनुसार, कुछ बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से प्रिया सचदेवा की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। उनका कहना है कि बिना तथ्यों की पुष्टि किए उनके बारे में आपत्तिजनक बातें कही गईं, जिन्हें व्यापक रूप से प्रसारित किया गया। इससे उन्हें मानसिक आघात, सामाजिक असहजता और पेशेवर नुकसान झेलना पड़ा।
20 करोड़ की मांग क्यों?
मानहानि के दावे में 20 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग की गई है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी राशि का दावा आमतौर पर प्रतिष्ठा को हुई कथित क्षति, मानसिक पीड़ा और संभावित पेशेवर नुकसान को ध्यान में रखकर किया जाता है। हालांकि अंतिम निर्णय कोर्ट के विवेक पर निर्भर करेगा।
हाईकोर्ट में क्या हुआ?
सूत्रों के अनुसार, हाईकोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किया है और जवाब दाखिल करने को कहा है। अगली सुनवाई की तारीख निर्धारित की जा सकती है, जहां दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क और साक्ष्य पेश करेंगे।
कानूनी दृष्टिकोण
भारतीय कानून में मानहानि दो प्रकार की होती है—दीवानी (सिविल) और आपराधिक। इस मामले में दीवानी मानहानि के तहत हर्जाने की मांग की गई है। यदि अदालत को यह प्रतीत होता है कि आरोप निराधार और दुर्भावनापूर्ण थे, तो क्षतिपूर्ति का आदेश दिया जा सकता है।
फिलहाल मामला न्यायालय में विचाराधीन है। आगे की सुनवाई में ही स्पष्ट होगा कि अदालत किस दिशा में फैसला देती है। Poonam Report



