वाराणसी मंडल के 104 हॉकी खिलाड़ियों के सामने प्रादेशिक प्रतियोगिता से पहले बजट की बड़ी चुनौती सामने आई है।
वाराणसी मंडल के 104 हॉकी खिलाड़ियों के सामने प्रादेशिक प्रतियोगिता से पहले बजट की बड़ी चुनौती सामने आई है। मुरादाबाद मंडल में 16 से 19 सितंबर तक होने वाली प्रादेशिक हॉकी प्रतियोगिता के लिए शिक्षा विभाग की ओर से कुल 40 हजार रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई है। इसी बजट से खिलाड़ियों के भोजन और आने-जाने की व्यवस्था करनी है। हिसाब लगाने पर एक खिलाड़ी के हिस्से में चार दिनों के लिए करीब 385 रुपये और प्रतिदिन लगभग 96.25 रुपये आते हैं।
इस प्रतियोगिता में वाराणसी मंडल के सब-जूनियर, जूनियर और सीनियर वर्ग के बालक-बालिका समेत कुल 104 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। खिलाड़ियों को प्रतियोगिता स्थल तक पहुंचना है, भोजन करना है और मैदान पर बेहतर प्रदर्शन करते हुए मंडल के लिए पदक जीतने की कोशिश करनी है। राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई करने का लक्ष्य भी खिलाड़ियों के सामने रहेगा।
माध्यमिक शिक्षा विभाग की प्रादेशिक प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों के भोजन के लिए वर्तमान में 150 रुपये प्रतिदिन का भत्ता निर्धारित बताया गया है। इसमें दो समय का भोजन और एक समय का नाश्ता शामिल है। वहीं उत्तर प्रदेश खेल विभाग के खिलाड़ियों के लिए भोजन भत्ता 375 रुपये प्रतिदिन बताया गया है। इसके अलावा आने-जाने के लिए अलग से भत्ता दिए जाने की व्यवस्था भी है।
वाराणसी मंडल के खिलाड़ियों के मामले में उपलब्ध 40 हजार रुपये की राशि को 104 खिलाड़ियों और चार दिनों में बांटने पर प्रतिदिन प्रति खिलाड़ी करीब 96 रुपये ही आते हैं। यही वजह है कि प्रतियोगिता से पहले बजट को लेकर सवाल उठ रहे हैं। खिलाड़ियों के लिए भोजन और यात्रा दोनों की व्यवस्था इसी सीमित राशि में करने की चुनौती है।
रहने की व्यवस्था भी सामान्य सुविधाओं वाली नहीं बताई गई है। खिलाड़ियों को एक कॉलेज में ठहराया जाएगा, जहां जमीन पर मैट बिछाकर रहने की व्यवस्था होगी। खिलाड़ियों का कहना है कि कई बार उन्हें पहले अपनी जेब से खर्च करना पड़ता है और प्रतियोगिता के बाद सरकारी राशि मिलने पर भुगतान किया जाता है।
खेल प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन और पदक की उम्मीद की जाती है, लेकिन इसके लिए भोजन, यात्रा और रहने जैसी बुनियादी सुविधाएं भी जरूरी होती हैं। खासकर चार दिन चलने वाली प्रतियोगिता में खिलाड़ियों को पर्याप्त भोजन और आराम मिले, इसका सीधा असर उनकी तैयारी और प्रदर्शन पर पड़ सकता है।
वाराणसी मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक दिनेश सिंह ने कहा कि माध्यमिक स्कूलों के खिलाड़ियों के लिए बजट शासन स्तर से निर्धारित होता है। उन्होंने बताया कि समय-समय पर खेल पदाधिकारियों की मांग से शासन को अवगत कराया जाता है और इस साल बजट पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ा है।
अब सवाल यह है कि जब खिलाड़ियों से मंडल और प्रदेश स्तर पर पदक जीतने की उम्मीद की जाती है, तो प्रतियोगिताओं में उनके भोजन, यात्रा और रहने के लिए पर्याप्त बजट कब उपलब्ध कराया जाएगा। खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलने पर ही उनसे राष्ट्रीय स्तर पर अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद को मजबूत किया जा सकता है।
Poonam Report



