
बिक्रमगंज। जिले में आयोजित साहित्य फेस्टिवल ने साहित्य प्रेमियों को नई रचनाओं और किताबों के समृद्ध अनुभव से रूबरू कराया। फेस्टिवल में अलग-अलग पुस्तक स्टॉल लगाए गए, जहां स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के साहित्यकारों की कृतियों का प्रदर्शन और बिक्री की गई।
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फेस्टिवल की मुख्य झलकियां
स्थानीय और राष्ट्रीय लेखकों ने अपनी नई रचनाओं का पाठ और विमोचन किया
पाठकों और युवाओं को साहित्यिक चर्चाओं और कार्यशालाओं में भाग लेने का मौका मिला
किताबों के स्टॉल पर कविता, कहानी, उपन्यास और शोध पत्र विशेष रूप से रखे गए
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साहित्यकारों और आयोजकों की प्रतिक्रिया
साहित्यकारों ने बताया कि—
इस फेस्टिवल से स्थानीय लेखकों को अपनी पहचान बनाने का अवसर मिला
पाठकों और लेखक के बीच सीधा संवाद हुआ, जिससे साहित्य को बढ़ावा मिला
आयोजन ने पढ़ाई और साहित्य के महत्व को जनता के बीच जागरूक किया
आयोजकों ने बताया कि यह पहल साहित्य और संस्कृति के संवर्धन के लिए लगातार जारी रहेगी और आने वाले वर्षों में और व्यापक स्तर पर साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
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इस साहित्य फेस्टिवल ने बिक्रमगंज को साहित्यिक गतिविधियों का केंद्र बना दिया और युवा वर्ग में पढ़ाई और साहित्य के प्रति उत्साह जगाया।
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Poonam Report



