
उत्तर भारत में पड़ रही भीषण शीतलहर ने जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार गिरते तापमान, ठंडी हवाओं और घने कोहरे को देखते हुए दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम में स्कूलों के विंटर ब्रेक को बढ़ाने का फैसला लिया गया है। प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सेहत और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय जरूरी हो गया था।
दिल्ली-एनसीआर में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है, वहीं सुबह और देर रात शीतलहर का असर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। ऐसे हालात में छोटे बच्चों का स्कूल जाना जोखिम भरा माना जा रहा है।
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किन स्कूलों में छुट्टी बढ़ी
शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देश के अनुसार—
नर्सरी से कक्षा 8 तक के स्कूलों में अवकाश बढ़ाया गया है
कई निजी स्कूलों ने भी सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने का फैसला किया है
कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए कुछ स्कूलों में सीमित समय या ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प रखा गया है
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कब से खुलेंगे स्कूल?
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना नहीं है। ऐसे में
स्कूल अब मौसम की स्थिति की समीक्षा के बाद ही खोले जाएंगे
संभावना जताई जा रही है कि अगर तापमान में सुधार होता है, तो स्कूल निर्धारित तिथि के बाद चरणबद्ध तरीके से खोले जा सकते हैं
शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि आगे का फैसला मौसम की गंभीरता को देखते हुए लिया जाएगा
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अभिभावकों और छात्रों की राहत
स्कूलों की छुट्टी बढ़ने से जहां बच्चों को ठंड से राहत मिली है, वहीं अभिभावकों ने भी प्रशासन के फैसले का समर्थन किया है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में बच्चों में सर्दी, खांसी, बुखार और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
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मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर में अगले कुछ दिनों तक
शीतलहर
सुबह-शाम घना कोहरा
और ठंडी हवाओं का अलर्ट जारी किया है
लोगों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने और ठंड से बचाव की सलाह दी गई है।



