
साल 2026 के बजट में एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने को केंद्रित कई अहम पहलें की गई हैं। विशेष रूप से यूरोपीय बाजार में भारतीय उत्पादों का विस्तार करने पर जोर दिया गया है, ताकि टैरिफ युद्ध और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के बीच एमएसएमई को मजबूती मिले।
बजट में एमएसएमई के लिए क्या है खास
1. वैश्विक बाजार में एक्सपोर्ट बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन
यूरोपीय देशों और अन्य विकसित बाजारों में एमएसएमई उत्पादों की पहुंच बढ़ाने के लिए विशेष उपाय
एक्सपोर्ट क्रेडिट, मार्केटिंग और लॉजिस्टिक सपोर्ट पर ध्यान
2. तकनीकी और डिजिटल सशक्तिकरण
छोटे उद्योगों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने के लिए विशेष स्कीम
उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता सुधारने के लिए आधुनिक तकनीक में निवेश का प्रोत्साहन
3. वित्तीय सहयोग और टैक्स छूट
एमएसएमई को कम ब्याज दर पर लोन सुविधा
टैक्स और ड्यूटी में छूट, ताकि वे विदेशी बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सकें
यूरोपीय बाजार पर जोर क्यों?
यूरोप में भारतीय हस्तशिल्प, टेक्सटाइल, कस्टम प्रोडक्ट और खाद्य उत्पादों की अच्छी मांग है
टैरिफ युद्ध और वैश्विक सप्लाई चेन में बदलाव के बीच भारतीय एमएसएमई को अवसर मिल सकता है
बजट का उद्देश्य है कि छोटे उद्योग यूरोपीय बाजार में स्थायी तौर पर पैर जमा सकें
सरकार की रणनीति
सरकार ने कहा है कि
एमएसएमई क्षेत्र को केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रखा जाएगा
वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए प्रशिक्षण, डिजिटलीकरण और वित्तीय सहायता दी जाएगी
विशेष रूप से एक्सपोर्ट-ऑनबोर्डिंग प्रोग्राम के माध्यम से छोटे उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा
उम्मीद और चुनौतियां
उम्मीद: छोटे उद्योगों के लिए वैश्विक बाजार में नई संभावनाएं, रोजगार सृजन, और निर्यात वृद्धि
चुनौतियां: उच्च गुणवत्ता, लॉजिस्टिक्स, टैरिफ विवाद, और वैश्विक प्रतियोगिता
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बजट में प्रस्तावित उपाय सही ढंग से लागू किए गए, तो भारतीय एमएसएमई वैश्विक मंच पर मजबूत खिलाड़ी बन सकते हैं।
निष्कर्ष
Budget 2026 में एमएसएमई पर विशेष ध्यान देना एक रणनीतिक कदम है। सरकार का प्रयास है कि छोटे और मध्यम उद्योग टैरिफ युद्ध और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के बीच टिक सकें और यूरोपीय बाजार में स्थायी पहचान बना सकें।
Poonam Report



