
पुरी (ओडिशा): शनिवार को ओडिशा के पुरी-कोणार्क मरीन ड्राइव पर उस समय अफरातफरी मच गई, जब कटक सदर के ब्लॉक डिवेलपमेंट ऑफिसर (BDO) प्रतीक साहू और उनकी पत्नी की कार अचानक कुशाभद्र नदी में गिर गई। हादसे में दोनों बाल-बाल बचे। दमकल विभाग की तत्परता और स्थानीय लोगों की मदद से दोनों की जान समय रहते बचा ली गई।
🚗 कैसे हुआ हादसा?
घटना रामचंडी मंदिर के पास लोटस पार्क इलाके की है। जानकारी के अनुसार, प्रतीक साहू अपनी कार को बेला मार्ग पर पार्क करने की कोशिश कर रहे थे। तभी रिवर्स गियर में कार अचानक फिसल गई और सीधे तेज बहाव वाली कुशाभद्र नदी में जा गिरी। देखते ही देखते कार पानी में बहने लगी, और आसपास मौजूद लोग हक्का-बक्का रह गए।
🔥 दमकल विभाग ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
स्थानीय लोगों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी। पास के ट्रेनिंग सेंटर से टीम मौके पर कुछ ही मिनटों में पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद BDO और उनकी पत्नी को कार से बाहर निकालकर सुरक्षित किनारे लाया गया।
दोनों को तुरंत कोणार्क के स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।
प्राथमिक इलाज के बाद दोनों को डिस्चार्ज कर दिया गया है।
फिलहाल दोनों की हालत स्थिर और सुरक्षित बताई जा रही है।
🌊 तेज बहाव में बह रही थी कार, उलट गई थी नदी में
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही कार नदी में गिरी, कुछ ही पलों में उलटकर बहने लगी। दमकल टीम को घंटों की मेहनत के बाद वाहन को नदी से बाहर निकालना पड़ा। सौभाग्य से, कार में मौजूद दोनों लोग सीट बेल्ट नहीं लगाए हुए थे, जिससे समय रहते उन्हें बाहर निकाला जा सका।
🏞️ हादसे के वक्त छुट्टी पर थे BDO दंपति
बताया जा रहा है कि प्रतीक साहू और उनकी पत्नी छुट्टी पर कोणार्क आए थे और पास के लोटस रिज़ॉर्ट में ठहरने की योजना थी। इसी दौरान यह हादसा हो गया।
⚠️ प्रशासन की चेतावनी: नदी किनारे गाड़ी पार्क करते समय बरतें सावधानी
इस घटना ने एक बार फिर बरसात के मौसम में नदी किनारे पार्किंग को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि:
नदी किनारे सुरक्षा अवरोधक (रेलिंग) लगाए जाएं।पार्किंग स्थल पर चेतावनी बोर्ड और गार्ड की तैनाती की जाए।इस हादसे में किसी की जान नहीं गई, यह दमकल विभाग की तत्परता और स्थानीय सहयोग का परिणाम है। हालांकि, यह घटना सावधानी की अनदेखी का बड़ा उदाहरण बनकर उभरी है और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने की ज़रूरत है



