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अमेरिकी संसद में शॉर्ट टर्म फंडिंग बिल पास, सरकार के शटडाउन का खतरा टला

वॉशिंगटन। अमेरिका में संघीय सरकार के संभावित शटडाउन को टालने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने मंगलवार को सरकार को अस्थायी रूप से चलाने के लिए शॉर्ट टर्म फंडिंग बिल को मंजूरी दे दी। बिल के पक्ष में 370 सांसदों ने मतदान किया, जबकि 48 ने इसका विरोध किया। यह प्रस्ताव अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर के लिए भेजा गया है।

इस अस्थायी फंडिंग व्यवस्था के तहत संघीय सरकार के अधिकांश विभागों को मौजूदा स्तर पर 11 दिसंबर 2026 तक धन उपलब्ध कराया जाएगा। इससे 30 सितंबर को समाप्त होने वाले मौजूदा वित्त वर्ष के बाद तत्काल फंडिंग संकट और सरकारी कामकाज बंद होने की आशंका को टालने में मदद मिलेगी।

अमेरिकी संसद में यह फैसला ऐसे समय हुआ है जब नवंबर में मध्यावधि चुनाव होने हैं। सांसद चुनाव प्रचार के दौरान सरकार के शटडाउन जैसी स्थिति से बचना चाहते हैं, क्योंकि इससे सरकारी सेवाओं, कर्मचारियों और आम लोगों पर असर पड़ सकता है। दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के सांसदों ने इस अस्थायी व्यवस्था का समर्थन किया।

इस बिल को पहले ही अमेरिकी सीनेट से मंजूरी मिल चुकी है। सीनेट ने अगस्त में भारी बहुमत से इसी तरह की अस्थायी फंडिंग व्यवस्था को मंजूरी दी थी। अब प्रतिनिधि सभा की मंजूरी के बाद प्रस्ताव राष्ट्रपति के पास पहुंच गया है। राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यह व्यवस्था लागू हो जाएगी।

फंडिंग विवाद की वजह से अमेरिका में एक बार फिर सरकारी कामकाज बाधित होने की आशंका बनी हुई थी। संघीय सरकार के वित्त पोषण की मौजूदा समयसीमा 30 सितंबर को समाप्त होनी थी। यदि कांग्रेस समय पर नया फंडिंग कानून पारित नहीं करती, तो कई सरकारी एजेंसियों के कामकाज पर असर पड़ सकता था। ऐसे में नए बिल को चुनाव से पहले संभावित संकट को टालने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

हालांकि, यह स्थायी बजट समाधान नहीं है। यह केवल सरकार के खर्च को कुछ समय के लिए जारी रखने की व्यवस्था है। दिसंबर में एक बार फिर कांग्रेस के सामने पूरे वित्त वर्ष के लिए बजट और सरकारी खर्च से जुड़े मुद्दों पर सहमति बनाने की चुनौती होगी। कई वार्षिक विनियोग विधेयकों पर अभी भी अंतिम सहमति नहीं बनी है।

इस अस्थायी व्यवस्था में कुछ नीतिगत प्रावधान भी शामिल हैं, जिन पर दोनों दलों के बीच पहले मतभेद रहे हैं। डेमोक्रेट सांसदों ने कुछ बदलावों का समर्थन इसलिए किया क्योंकि उन्हें लगा कि यह प्रस्ताव पहले के फंडिंग बिल की तुलना में अधिक संतुलित है। वहीं कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने भी बिल के कुछ प्रावधानों और लंबे समय के बजट समाधान को लेकर अपनी आपत्तियां जताई हैं।

फिलहाल प्रतिनिधि सभा की मंजूरी के बाद तत्काल शटडाउन का खतरा काफी हद तक टल गया है। अब अंतिम कदम राष्ट्रपति के हस्ताक्षर का है। इसके बाद संघीय सरकार के कामकाज को दिसंबर तक जारी रखने का रास्ता साफ हो जाएगा और चुनाव के दौरान सरकारी फंडिंग को लेकर तत्काल संकट नहीं रहेगा।

Poonam Report

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