योगी कैबिनेट के 23 बड़े फैसले, पीआरडी जवानों से किसानों और अग्निवीरों तक को राहत

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में 23 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों में पीआरडी स्वयंसेवकों के ड्यूटी भत्ते में बढ़ोतरी, कैशलेस इलाज की सुविधा, किसानों को रियायती दर पर ऋण, पूर्व अग्निवीरों को सरकारी भर्ती में आरक्षण, परिषदीय विद्यालयों को स्मार्ट बनाने और मथुरा में एथेनॉल प्लांट लगाने सहित कई अहम निर्णय शामिल हैं।
कैबिनेट ने पीआरडी स्वयंसेवकों के दैनिक ड्यूटी भत्ते को बढ़ाकर 600 रुपये करने को मंजूरी दी है। इसके साथ ही पीआरडी स्वयंसेवकों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत इलाज की सुविधा देने का निर्णय लिया गया है। इससे बीमारी की स्थिति में जवानों और उनके परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी।
किसानों के लिए भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत लघु एवं सीमांत किसानों को उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के माध्यम से छह लाख रुपये तक का दीर्घकालिक ऋण छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। इससे किसानों को कृषि और ग्रामीण जरूरतों के लिए अपेक्षाकृत कम ब्याज पर वित्तीय सहायता मिल सकेगी।
पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरी में अवसर देने के लिए भी बड़ा फैसला हुआ है। जेल वार्डन की सीधी भर्ती में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत पद आरक्षित करने को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा परिवहन विभाग के प्रवर्तन सिपाही पद की सीधी भर्ती में भी पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण और आयु सीमा में छूट देने का फैसला किया गया है।
शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश के 14 हजार से अधिक परिषदीय विद्यालयों में आईसीटी लैब विकसित कर उन्हें स्मार्ट बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इससे सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा और आधुनिक शिक्षण सुविधाओं को बढ़ावा देने की योजना है।
मथुरा के छाता स्थित चीनी मिल परिसर में एथेनॉल उत्पादन संयंत्र स्थापित करने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। लगभग 19 वर्षों से बंद पड़ी चीनी मिल की भूमि का उपयोग इस परियोजना के लिए किया जाएगा। प्रस्तावित संयंत्र की क्षमता 120 केएलपीडी बताई गई है। इसमें गन्ने के साथ अन्य कृषि उत्पादों से एथेनॉल उत्पादन की व्यवस्था की जाएगी।
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश खिलौना विनिर्माण प्रोत्साहन नीति-2025 को भी मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य प्रदेश में खिलौना निर्माण को बढ़ावा देना, निवेश आकर्षित करना और रोजगार के अवसर बढ़ाना है। इसके अलावा चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के संशोधित प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई है। करीब 15.172 किलोमीटर लंबे छह लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण पर लगभग 1,008.67 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
अयोध्या के मिल्कीपुर में एनएसजी क्षेत्रीय केंद्र के लिए भूमि आवंटन सहित औद्योगिक विकास, मत्स्य, ग्रामीण विकास, शहरी विकास और प्रशासन से जुड़े कई अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। सरकार के अनुसार इन फैसलों का उद्देश्य रोजगार, शिक्षा, कृषि, बुनियादी ढांचे और जनकल्याण से जुड़े क्षेत्रों को मजबूत करना है।
Poonam Report



