बड़ी खबर: बिल्डर्स पर CBI का शिकंजा — 22 मुकदमे, 47 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
📍 दिल्ली-NCR | 29 जुलाई 2025 | CBI का बड़ा ऐक्शन
दिल्ली-NCR में रियल एस्टेट सेक्टर में मची धांधली और करोड़ों की ठगी को लेकर CBI ने मंगलवार सुबह बड़ा अभियान शुरू किया। इस ऐक्शन के तहत 22 मुकदमे दर्ज किए गए हैं और 47 अलग-अलग ठिकानों पर एकसाथ छापेमारी की गई है।
🎯 किन बिल्डर्स पर गिरी गाज?
CBI की रेड मुख्यतः नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और दिल्ली के कई बड़े और मध्यम बिल्डरों पर हुई है। जिन नामों की चर्चा तेज है उनमें—
Amrapali Group
Supertech
Ansal API
Wave Infratech
जैसे नाम शामिल हो सकते हैं, हालांकि CBI ने अभी आधिकारिक तौर पर सभी नामों की पुष्टि नहीं की है।
📁 क्या हैं आरोप?
इन बिल्डरों पर आरोप है कि—
इन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लोन लिया और वापस नहीं किया।
आम जनता से हजारों करोड़ रुपए वसूलकर फ्लैट नहीं दिए।
ज़मीन आवंटन और मंजूरी के लिए घूसखोरी और राजनीतिक गठजोड़ किया गया।
कई कंपनियों ने शेल कंपनियों के ज़रिए पैसा इधर-उधर किया।
🕵️♂️ कहां-कहां हुई छापेमारी?
CBI ने एक ही समय पर दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद, गुरुग्राम, गाजियाबाद और लखनऊ में 47 जगहों पर ताबड़तोड़ रेड की। टीमों के साथ सॉफ्टवेयर एक्सपर्ट और फोरेंसिक एक्सपर्ट भी मौजूद थे
💬 CBI का बयान
CBI के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा—
> “बिल्डरों के खिलाफ शिकायतें लंबे समय से आ रही थीं। आज का ऑपरेशन सबूतों के आधार पर प्लान किया गया है। जिन पर केस दर्ज हुए हैं, उनके खिलाफ पर्याप्त दस्तावेजी सबूत मौजूद हैं।”
🧾 फ्लैट खरीदारों की उम्मीदें जगीं
हज़ारों फ्लैट खरीदार जो सालों से अपने घर का इंतजार कर रहे थे, अब इस CBI ऐक्शन से राहत की उम्मीद जता रहे हैं। सोशल मीडिया पर कई पीड़ितों ने CBI को धन्यवाद कहा है।
🔍 आगे क्या?
सभी 22 FIR अब जांच के अलग-अलग चरण में हैं।
कई बिल्डर्स को जल्द ही पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।
कुछ जगहों से कंप्यूटर, हार्ड डिस्क, चेक बुक और संदिग्ध दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।



