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गाजीपुर के शेरपुर गांव में बाढ़ का संकट गहराया तीन नावों के सहारे चल रही जिंदगी प्रशासन अलर्ट पर

गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने गाजीपुर जिले के शेरपुर गांव को चारों तरफ से जलमग्न कर दिया है।

गाजीपुर के शेरपुर गांव में बाढ़ का संकट गहराया तीन नावों के सहारे चल रही जिंदगी प्रशासन अलर्ट पर

गाजीपुर (उत्तर प्रदेश), जुलाई 2025:

गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने गाजीपुर जिले के शेरपुर गांव को चारों तरफ से जलमग्न कर दिया है। खेत, सड़कें, गलियां और कई घर बाढ़ के पानी में डूब चुके हैं। स्थानीय लोग बुरी तरह से प्रभावित हैं और सामान्य जीवन लगभग ठप हो गया है। प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गांव में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं।

तीन नावें बनीं ग्रामीणों की जीवनरेखा

गांव में आवाजाही का एकमात्र सहारा अब प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई तीन नावें हैं। ग्रामीण अब इन्हीं नावों के सहारे अपने आवश्यक काम निपटा रहे हैं – चाहे वो राशन लाना हो, स्कूल जाना हो या फिर अस्पताल। कई बुजुर्ग और महिलाएं नाव की सहायता से सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाई जा रही हैं।

प्रशासन अलर्ट मोड में, लगातार निगरानी

जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह सक्रिय हैं। अधिकारियों की टीम लगातार दौरा कर रही है और राहत कार्यों की निगरानी कर रही है। तहसीलदार, एसडीएम और स्थानीय पुलिस बल मौके पर तैनात हैं ताकि किसी आपात स्थिति में तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके। बाढ़ नियंत्रण कक्ष को पूरी तरह सक्रिय किया गया है।

भोजन, दवाएं और सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था शुरू

प्रशासन ने बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविरों की भी तैयारी शुरू कर दी है। शिविरों में सूखा राशन, पीने का साफ पानी, प्राथमिक उपचार और बच्चों के लिए दूध जैसी आवश्यक चीजें उपलब्ध कराई जा रही हैं। चिकित्सा टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच कर रही हैं ताकि संक्रमण या महामारी फैलने से रोका जा सके।

ग्रामीणों में चिंता, खेती-बाड़ी पर मंडरा रहा संकट

बाढ़ से केवल घर ही नहीं, खेती-बाड़ी पर भी संकट छा गया है। धान और सब्जियों की फसलें पूरी तरह से डूब गई हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। कई पशुपालकों के मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ा है, लेकिन अभी भी कई जानवर खतरे में हैं।

प्रभावित परिवारों की अपील

शेरपुर गांव के निवासी प्रशासन की कोशिशों की सराहना कर रहे हैं लेकिन साथ ही यह भी अपील कर रहे हैं कि स्थिति को देखते हुए और नावें, मेडिकल टीमें तथा राशन किट बढ़ाई जाएं। गांव के प्रधान और स्थानीय समाजसेवी मिलकर राहत वितरण कार्य में प्रशासन की मदद कर रहे हैं।

सरकार की चेतावनी और आगे की तैयारी

मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक गंगा के जलस्तर में और वृद्धि की संभावना जताई है। प्रशासन ने बाढ़ के और बढ़ने की स्थिति में पहले से तैयारी पूरी रखने के निर्देश दिए हैं।
NDRF और SDRF की टीमें भी नजदीकी इलाकों में तैनात की गई हैं ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल रेस्क्यू किया जा सके।

“गांव में अब जमीन नहीं, सिर्फ पानी दिखाई देता है। नाव ही अब जिंदगी है,” – कहते हैं शेरपुर के एक बुजुर्ग रामचेतन यादव।
ग्रामीणों को फिलहाल प्रशासन से पूरी उम्मीद है कि वे इस आपदा से उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लगे।

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