एनसीईआरटी ने भ्रामक खबरों का किया खंडन, छात्र समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र के बारे में पढ़ेंगे

National Council of Educational Research and Training ने सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में चल रहे दावों को भ्रामक बताते हुए स्पष्ट किया है कि छात्रों को समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र जैसे संवैधानिक मूल्यों से संबंधित विषयों की पढ़ाई जारी रहेगी।
मिली जानकारी के अनुसार, एनसीईआरटी ने कहा कि पाठ्यपुस्तकों में बदलाव को लेकर फैलाई जा रही कई जानकारियां अधूरी या भ्रामक हैं। परिषद ने स्पष्ट किया कि संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े विषय पाठ्यक्रम का हिस्सा बने हुए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, संशोधित पाठ्यक्रम को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक स्तर पर चर्चा जारी है। इसी बीच एनसीईआरटी ने यह भी दोहराया कि संविधान की प्रस्तावना हटाए जाने संबंधी दावे सही नहीं हैं।
फिलहाल पाठ्यक्रम में किए गए बदलावों को लेकर बहस जारी है, जबकि एनसीईआरटी का कहना है कि छात्रों को संविधान, लोकतंत्र और नागरिक मूल्यों से जुड़े विषयों का अध्ययन कराया जाता रहेगा।
(Poonam Report)



