मिडिल-ईस्ट तनाव के बीच भी भारत की मजबूत रफ्तार, 6.5% ग्रोथ से दुनिया में बजेगा डंका

वैश्विक अस्थिरता और Middle East में बढ़ते तनाव के बावजूद India की अर्थव्यवस्था मजबूती के साथ आगे बढ़ती नजर आ रही है। ताजा आकलनों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष में भारत की विकास दर करीब 6.5% रहने का अनुमान है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। बढ़ती खपत, इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार का फोकस और डिजिटल सेक्टर का तेजी से विस्तार इस ग्रोथ के प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव का असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है, जिससे महंगाई बढ़ने की आशंका रहती है। हालांकि, भारत ने अपनी नीतियों और विविध सप्लाई स्रोतों के जरिए इस जोखिम को काफी हद तक संतुलित किया है।
वहीं, सर्विस सेक्टर, मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप इकोसिस्टम में तेजी से हो रही प्रगति भी देश की आर्थिक मजबूती को दर्शाती है। “मेक इन इंडिया” और डिजिटल इंडिया जैसी पहलें इस विकास को और गति दे रही हैं।
फिलहाल भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में बना हुआ है और आने वाले समय में भी इसकी ग्रोथ स्टोरी मजबूत रहने की उम्मीद जताई जा रही है।
(Poonam Report)



