जंगल कौड़िया-जगदीशपुर रिंग रोड: किसानों के खाते में भेजे दस करोड़ तो बनने लगी सड़क,
बदल रहा है गोरखपुर

गोरखपुर. शिवानी सिंह समाचार लेखक
गोरखपुर में JUST ACTION ने किसानों की मांग को प्रमुखता से उठाया। इसकी जानकारी एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के अधिकारियों ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को दी। मंगलवार को किसानों के पक्ष में करीब 10 करोड़ रुपये का मुआवजा का भुगतान किया गया।
जंगल कौड़िया-जगदीशपुर फोरलेन रिंग रोड का काम फिर से रफ्तार पकड़ने लगा है। एक ओर किसानों की अधिग्रहित जमीन के मुआवजे का भुगतान किया जा रहा है, तो दूसरी ओर निर्माण कार्य भी चल रहा है। सोमवार को मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने बैजनाथपुर में काम रोक दिया था। इसके बाद अधिकारियों ने 10 करोड़ का भुगतान कराया, तब जाकर काम फिर से शुरू हो गया।
मंगलवार को सात सौ मीटर सड़क का काम कराया गया। अब तक कुल 106 करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में किसानों के खाते में भेजे जा चुके हैं।
जंगल कौड़िया से जगदीशपुर तक करीब 26 किमी फोरलेन रिंग रोड के लिए कुल 26 गांवों के किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई है। सर्किल रेट के बजाय बाजार भाव की दर से किसान मुआवजा मांग रहे हैं। इसके लिए किसानों ने न्यायायिक मध्यस्थता आर्बिट्रेशन दाखिल की है। बरसात के पहले करीब 1300 मीटर लंबाई में मिट्टी समतल कराई गई थी। बरसात में काम ठप हो गया।
बीते शुक्रवार से दोबारा काम शुरू हुआ। रविवार को दो किमी लंबाई में काम हुआ। सोमवार को ठेकेदार के कर्मचारियों और श्रमिकों ने बैजनाथपुर में काम शुरू कराया तो किसानों ने विरोध जताया। किसानों ने कहा कि दो माह पूर्व सभी दस्तावेज जमा करा दिए गए, लेकिन अभी तक न तो मुआवजा मिला और न ही आर्बिट्रेशन (न्यायिक मध्यस्थता) की प्रक्रिया पूरी की गई है। उनके विरोध पर काम ठप हो गया।
JUST ACTION ने किसानों की मांग को प्रमुखता से उठाया। इसकी जानकारी एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के अधिकारियों ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को दी। मंगलवार को किसानों के पक्ष में करीब 10 करोड़ रुपये का मुआवजा का भुगतान किया गया।
एसएलओ को मिल चुके हैं 352.78 करोड़ रुपये
जंगल कौड़िया-जगदीशपुर रिंग रोड से प्रभावित 26 गांवों के एक हजार से अधिक किसानों को मुआवजा देने के लिए प्रशासन ने 362 करोड़ रुपये की मांग एनएचएआई से की थी। निर्माण कार्य के लिए कुल 984 गाटे में 130 हेक्टेयर जमीन ली गई है।
इसकी एवज में कुल 352.78 करोड़ रुपये का भुगतान एसएलओ (विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी) को किया जा चुका है। इसमें से किसानों के पक्ष में 106.44 करोड़ भेजे गए हैं। करीब 1925 करोड़ की लागत से रिंग रोड का निर्माण कार्य होगा।
एनएचएआई भूमि अधिग्रहण अधिकारी चंद्रशेखर ने कहा कि किसानों के लिए जितनी रकम मांगी गई थी, उसका भुगतान करा दिया गया है। एसएलओ की ओर से सभी किसानों को भुगतान किया जाना है। मंगलवार को भी 10 करोड़ रुपये किसानों के बैंक खातों में भेजे गए हैं।



