सड़क सुरक्षा कार्यशाला में बोले यूपी परिवहन मंत्री
नियमों का पालन ही मौतों में कमी का सबसे बड़ा उपाय

लखनऊ।
उत्तर प्रदेश में बढ़ते सड़क हादसों को लेकर सरकार गंभीर है। इसी क्रम में आयोजित सड़क सुरक्षा कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रदेश के परिवहन मंत्री ने कहा कि “सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने का सबसे प्रभावी उपाय यातायात नियमों का सख्ती से पालन है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून तभी असरदार होगा जब आम नागरिक उसमें भागीदारी निभाएंगे।
परिवहन मंत्री ने कहा कि हेलमेट न पहनना, सीट बेल्ट की अनदेखी, तेज रफ्तार और नशे में वाहन चलाना सड़क हादसों के प्रमुख कारण हैं। यदि लोग इन बुनियादी नियमों का पालन करें तो हजारों जानें बचाई जा सकती हैं। उन्होंने बताया कि सरकार सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान, ड्राइविंग ट्रेनिंग और आधुनिक ट्रैफिक सिस्टम पर लगातार काम कर रही है।
कार्यशाला में अधिकारियों, ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग के कर्मचारियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। इस दौरान सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े प्रस्तुत किए गए और उनके कारणों व समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूलों, कॉलेजों और ग्रामीण इलाकों में भी सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान चलाए जाएं।
परिवहन मंत्री ने यह भी कहा कि
सड़क केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर वाहन चालक और पैदल यात्री की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वयं नियमों का पालन करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
कार्यशाला के अंत में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न
सुझावों पर सहमति बनी और भविष्य में ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
— निरुपमा पाण्डेय
जस्ट एक्शन न्यूज



