सर्वाइकल कैंसर के लक्षण जिन्हें नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, डॉक्टर ने बताया 30 साल के बाद बढ़ जाता है खतरा

सर्वाइकल कैंसर यानी गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर महिलाओं में एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। विशेषज्ञों के अनुसार 30 साल की उम्र के बाद इसका खतरा बढ़ जाता है। शुरुआती दौर में इसके लक्षण अक्सर हल्के होते हैं, जिससे महिलाएँ इसे अनदेखा कर देती हैं।
शुरुआती लक्षण जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है
1. असामान्य रक्तस्राव – माहवारी के बीच, सेक्स के बाद या रजोनिवृत्ति के बाद खून आना।
2. असामान्य डिस्चार्ज – गंध वाला या पानी जैसा डिस्चार्ज होना।
3. पेल्विक या पीठ में दर्द – लंबे समय तक लगातार पीठ या कमर में दर्द।
4. मूत्र या मल संबंधित बदलाव – पेशाब या मल में दर्द, जलन या असामान्य बदलाव।
5. अनजाने वजन में कमी – बिना डाइट या एक्सरसाइज के अचानक वजन घट जाना।
जोखिम कारक
30 साल के बाद संभोग और हार्मोनल बदलाव के कारण खतरा बढ़ जाता है।
HPV (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) संक्रमण सबसे बड़ा कारण माना जाता है।
धूम्रपान, कमजोर इम्यून सिस्टम और पारिवारिक इतिहास भी जोखिम बढ़ाते हैं।
बचाव और समय पर पहचान
21 साल की उम्र के बाद Pap smear टेस्ट नियमित कराना जरूरी है।
HPV वैक्सीन से 9–45 साल की उम्र तक सुरक्षा मिल सकती है।
असामान्य लक्षण दिखते ही डॉक्टर से तुरंत सलाह लें।
हेल्दी लाइफस्टाइल और नियमित स्क्रीनिंग से गंभीर परिणामों से बचा जा सकता है।
सावधानी और समय पर जांच से सर्वाइकल कैंसर का शुरुआती इलाज संभव है। महिलाओं को अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देना और किसी भी असामान्य बदलाव को नजरअंदाज न करना चाहिए।
Poonam Report



