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ट्रेन की चपेट में आने से दिव्यांग की दर्दनाक मौत: मऊ के नगवां निवासी शिवकुमार राजभर की गेल्हिया गांव के पास हुई घटना, क्षेत्र में शोक की लहर

ट्रेन की चपेट में आने से दिव्यांग की दर्दनाक मौत: मऊ के नगवां निवासी शिवकुमार राजभर की गेल्हिया गांव के पास हुई घटना, क्षेत्र में शोक की लहर

मऊ, उत्तर प्रदेश — जिले के नगवां गांव के रहने वाले एक दिव्यांग युवक शिवकुमार राजभर (उम्र 25 वर्ष) की मंगलवार को ट्रेन की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। यह दर्दनाक हादसा गेल्हिया गांव के पास रेलवे ट्रैक पर हुआ, जिससे इलाके में शोक और स्तब्धता का माहौल फैल गया है।

🚨 दैनिक दिनचर्या में निकले थे घर से बाहर

परिजनों के अनुसार, शिवकुमार रोज की तरह मंगलवार सुबह घर से टहलने के लिए निकले थे। उनका चलना फिरना थोड़ा असहज था क्योंकि वह दिव्यांग थे। बताया जा रहा है कि रेलवे लाइन पार करते वक्त उन्होंने आ रही ट्रेन को नहीं देखा या सुन नहीं पाए, जिससे यह दुर्घटना हुई।

🕯️ स्थानीय ग्रामीणों ने दी सूचना, पुलिस मौके पर पहुंची

हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने शव को रेलवे ट्रैक पर पड़ा देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। जीआरपी व स्थानीय थाने की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

🏡 परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

शिवकुमार राजभर की मृत्यु की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। मां-बाप, भाई-बहन सभी बेसुध हो गए। पड़ोसी और रिश्तेदारों का तांता घर पर लग गया है। गांव में भी मातम पसरा हुआ है क्योंकि शिवकुमार को सभी एक शांत, मेहनती और विनम्र युवक के रूप में जानते थे।

⚠️ रेलवे लाइन के पास सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में

यह घटना एक बार फिर रेलवे सुरक्षा पर सवाल उठा रही है। गेल्हिया गांव के पास कोई असुरक्षित रेलवे क्रॉसिंग नहीं है, न ही कोई चेतावनी संकेत या चौकीदार मौजूद रहता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि रेलवे क्रॉसिंग पर आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाएं ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

📣 स्थानीय प्रशासन ने जताया दुख, मदद का आश्वासन

मऊ प्रशासन की ओर से दिवंगत के परिजनों को मदद देने का आश्वासन दिया गया है। साथ ही यह भी कहा गया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जरूरत होने पर रेल विभाग से समन्वय बनाकर सुरक्षा उपायों को मजबूत किया जाएगा

✍️ स्थानीय लोगों की अपील

गांववालों ने प्रशासन से अपील की है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ट्रेन आने की सूचना देने वाले सायरन या संकेत बोर्ड लगाए जाएं, साथ ही दिव्यांग या वृद्ध लोगों के लिए सुरक्षित पार पथ बनाया जाए।

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