महंगाई का नया हमला! तेल, साबुन, दाल सब महंगे; गिरते रुपये ने बढ़ाई आम आदमी की टेंशन

देश में एक बार फिर महंगाई ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। रोजमर्रा की जरूरतों में शामिल खाने का तेल, दाल, साबुन और अन्य घरेलू सामानों की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। बाजार में बढ़ती कीमतों का सीधा असर मध्यम और निम्न आय वर्ग पर पड़ रहा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, रुपये में कमजोरी इसका एक बड़ा कारण है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और अन्य आयातित वस्तुओं की कीमतें डॉलर में तय होती हैं। ऐसे में जब रुपया कमजोर होता है तो आयात महंगा पड़ता है, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी दिखता है।
खाद्य तेल और दालों की कीमतों में बढ़ोतरी से रसोई का बजट बिगड़ रहा है। वहीं साबुन, डिटर्जेंट और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दाम बढ़ने से मासिक खर्च और बढ़ गया है। कई कंपनियों ने लागत बढ़ने का हवाला देते हुए कीमतों में संशोधन किया है।
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि यदि रुपये में स्थिरता नहीं आती और वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहता है, तो निकट भविष्य में कीमतों में और बढ़ोतरी संभव है।
आम लोग फिलहाल अपने खर्चों में कटौती कर बजट संतुलित करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन लगातार बढ़ती महंगाई ने घरेलू अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा दिया है। Poonam Report



