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पहली बारिश में ही क्यों टूटने लगते हैं करोड़ों के पुल और एक्सप्रेसवे? जिम्मेदार कौन, सरकार का क्या रुख?

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देश के कई हिस्सों में पहली ही बारिश के बाद पुलों, सड़कों और एक्सप्रेसवे पर दरारें, जलभराव और क्षति की घटनाएं सामने आने के बाद निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। करोड़ों रुपये की लागत से बने कई प्रोजेक्ट पहली बारिश में ही परीक्षा में कमजोर साबित होते दिखे।

विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी समस्याओं के पीछे घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग, गुणवत्ता नियंत्रण में कमी, जल निकासी (ड्रेनेज) की खराब व्यवस्था, निर्माण के दौरान मानकों का पालन न होना और नियमित रखरखाव की कमी जैसे कारण हो सकते हैं।

सरकार का कहना है कि जहां भी निर्माण में लापरवाही या तकनीकी खामियां सामने आएंगी, वहां जिम्मेदार अधिकारियों, ठेकेदारों और संबंधित एजेंसियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही प्रभावित परियोजनाओं की जांच कर आवश्यक मरम्मत के निर्देश भी दिए जा रहे हैं।

इंजीनियरों का मानना है कि सड़क और पुल निर्माण में आधुनिक तकनीक, नियमित गुणवत्ता जांच और समय-समय पर निरीक्षण से ऐसी समस्याओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

फिलहाल विभिन्न राज्यों में बारिश के बाद क्षतिग्रस्त परियोजनाओं का निरीक्षण जारी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई और सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

(Poonam Report)

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